khatu me hai mandir tera jag pe raaj tumhara hai nirbal ka bal nirdhan ka dhan haare ka sahara hai Bhajan Lyrics

खाटू में है मंदिर तेरा जग पे राज तुम्हारा है,
निर्बल का बल निर्धन का धन हारे का सहारा है,

मीठी मुस्काने है भोला सा मुखड़ा है,
मेरा खाटू वाला श्याम मेरा दिल का टुकड़ा है,
रग रग में तेरा नाम समाया तू प्राणो से प्यारा है,
निर्बल का बल निर्धन का धन हारे का सहारा है,

एक मंदिर में आ के क्या खेल रचाया है,
क्या होती है भगती हम को सिखलाया है,
तुमने हम को अपना मना ये एहसान तुम्हरा है,
निर्बल का बल निर्धन का धन हारे का सहारा है,

जब जब दुःख के बादल जीवन पे मंडराए,
तब तब साथी बन कर मेरे श्याम तुम आये,
श्याम कहे उसको अपनाया जग से जो भी हारा है,
निर्बल का बल निर्धन का धन हारे का सहारा है,

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