khatu shyam ki njar jispe padne lagi

खाटू श्याम की नज़र जिसपे पड़ने लगी
उसकी तक़दीर पल में बदलने लगी
मेरे बाबा की नज़र जिसपे पड़ने लगी
उसकी तक़दीर पल में बदलने लगी

जो भी इक बार खाटू धाम आ गया
साड़ी मन की मुरादें यहाँ पा ही गया
तेरे चरणों की धूलि जिसपे पड़नी लगी
उसकी तक़दीर पल में बदलने लगी

सारे जग का रखवाला बाबा श्याम है
सभी धर्म को प्यारा खाटू तेरा नाम है
श्याम बाबा की जिस घर में ज्योति जगी
उसकी तक़दीर पल में बदलने लगी

अपना जीवन तू रंग ले इसके नाम से
जो भी चाहेगा मिल जाए इसी धाम से
श्याम सांवरे ने जिसकी बिनती सुनी
उसकी तक़दीर पल में बदलने लगी

ग्यारस का माहिना आ गया
जो भी माँगा था हमने पा ही लिया
श्याम मोहन की करले जो चाकरी
उसकी तक़दीर पल में बदलने लगी

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