khushiyan hi khushiyan maa ne baat bna di hai

माँ ने बात बना दी है अब खुशियां ही खुशियां,
लॉटरी अब लगवा दी है अब खुशियां ही खुशियां,
रंक से राजा मुझे बना कर किस्मत मेरी जगा दी है,
अब खुशियां ही खुशियां…

ध्यन हो गया जीवन मेरा पाई जो ये सौगात है,
देने लगे सब मुझको वधाईयां कह के क्या बात है,
माँ के रंग में खुद को रंगा कर माँ की ज्योत जला दी है,
अब खुशियां ही खुशियां….

जब जब जो भी मांगा माँ से तब तब दियां है मुझको माँ ने,
कर्म किया जा तू भी अपने खुशियां देगी माँ तुझको,
हिरदये में अपने माँ को वसा कर माँ से लग्न लगा ली है,
अब खुशियां ही खुशियां…..

जीवन के हर कठिन मोड़ पर माँ ने राह दिखाई है,
महकाया हर गुलशन माँ ने बन के सदा सहाई है,
शरण में आये दास पवन की बिगड़ी बात बनाती है,
अब खुशियां ही खुशियां………..

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