kis se karu fariyaad

तेरे सिवा मेरा कोई नहीं है किस्से करूँ फरियाद
बाबा साँची कहूं मैं बात

जग में आकर भूल गया मैं
कौन है अपना पराया
इस चक्कर में मुझको ना पड़ना
कस के पकड़ लो हाथ
बाबा साँची कहूं मैं बात

दिलबर मेरे साथ निभाना
बनकर मेरी छाया
इन राहों में कांटे बिछे हैं
कैसे धरूँ मैं पाँव
बाबा साँची कहूं मैं बात

हमने सुना तू भाव का भूखा
भाव कहाँ से लाऊँ
दो आंसू नैनं मेरे और नहीं कुछ हाथ
बाबा साँची कहूं मैं बात

अणतू भगत पर कृपा तेरी
माँ को पास बुलाया
पवन की सुध कोई ना लेगा
तुझसे करूँ अरदास
बाबा साँची कहूं मैं बात

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