kya maangu sanware tujhse jo tu hi mil geya baba

क्या मांगू सांवरे तुझसे जो तू ही मिल गया बाबा
तुम्हारी प्रेम बरखा में ये जीवन खिल गया बाबा

ये क्या काम है के सांवरिया तेरा दीदार होता है
बड़ी मायूसी थी मन में वो मंज़र टल गया बाबा
क्या मांगू सांवरे तुझसे………..

कोई ना पूछता था तब मगर अब तेरी रेहमत है
मैं खोता सिक्का था जग में वो सिक्का चल गया बाबा
क्या मांगू सांवरे तुझसे………..

के जबसे इन निगाहों में तेरी तस्वीर रहती है
मेरे दुःख का जो सूरज था वो सूरज ढल गया बाबा
क्या मांगू सांवरे तुझसे………..

हुआ है तुमसे याराना ये चोखानी की किस्मत है
दिया था इस ज़माने ने ज़ख़्म वो सील गया बाबा
क्या मांगू सांवरे तुझसे………..
तुम्हारी प्रेम बरखा में ये जीवन खिल गया बाबा
क्या मांगू सांवरे तुझसे …………

कृष्ण भजन

This Post Has 3 Comments

Leave a Reply