madhuvan jhula daalo he natvar nand kishor

मधुवन झूला डालो हे नटवर नन्द किशोर,
रिम झिम पानी बरसे टयूटू टयूटू कर बोले मोर,

राधा झूले ललिता झूले रेशम डोरी पे नटखट झूले,
चन्दन पट ली बाँधी मुरली धार माखन चोर,
रिम झिम पानी बरसे टयूटू टयूटू कर बोले मोर,

मंद हसे बृषभानु दुलारे झोटा मारे कृष्ण मुरारी,
टर टर डाडूर बोले पपीहा बोले चारो और,
रिम झिम पानी बरसे टयूटू टयूटू कर बोले मोर,

मुरली की धुन वाजे प्यारे नन्द नंदन की लीला न्यारी,
शाम बदरियाँ गरजे पवन करे शोर,
रिम झिम पानी बरसे टयूटू टयूटू कर बोले मोर,

ग्वाल बाल सब धेनु चरावै वारि वारि पींग बढ़ावे,
ग्वाल बाल सब खुश हो वन में करते किलकोर,
खुश हो सी डी भरते है दिल्ली में राठौर ,
रिम झिम पानी बरसे टयूटू टयूटू कर बोले मोर,

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