mahine kar manuhar pilaaiyo ji satguru mahne prem pyaalo payo ji

ओ जी म्हाने कर मनुहार पिलायो जी,
सतगुरु म्हाने प्रेम प्यालो पायो जी,

असंग जुगा री म्हारी नींद उड़ाई जी,
म्हाने सुतोड़ा आण जगायो जी,
सतगुरु म्हाने ..

कुटम्ब कबीलो सब जग जुठो,
म्हाने सतगुरु सही समझायो जी,
सतगुरु म्हाने …

आऊं नही जाऊ मरु नही जन्मु जी,
म्हाने अमरापुर रो मारगीयों बतायो जी,
सतगुरु म्हाने …

अड़सठ तीर्थ सतगुरु शरणे जी,
म्हाने गीता वाली ज्ञान सुनायो जी,
सतगुरु म्हाने …

देव नाथ गुरु पूरा मिलिया जी,
ओ तो राजा मान जस गायो जी,
सतगुरु म्हाने …….

Leave a Reply