maliyan ve bhagaa sunnaa

माही वादा करके आप दा,
ते ना आप आया न पैगाम आया,
ऐसा रोग लगा इस जींदडी नु,
ना मौत आई न आराम आया,
दिन रात उडीका पेंदियाँ ने,
कदों आवे सवारी सजना दी,
असी कहन जोगे तो हो जाइए,
सहनु सझन दा पैगाम आया,

मालिया वे बाग़ सुन्ना
छड के नि जाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना

अपने प्यारियेया नु आपने दिवानेया नु नाले मस्ताने नु,
बहुत नही सताईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना
छड के नी जाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना

छेती मुड आवांगा छेती फेरा पावंगा,
व्यादे नु निभाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना
छड के नी जाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना

रब दे प्यारियां विछोडा किवे झलिये,
दिल दी सुनाइये कहणु कहिदा बूहा मलिये,
आवे ते सुनाइये दुख,
जीवे भी सुनाई दा मालिया वे बाग़ सुन्ना
छड के नी जाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना

अज भू उडीक दिया दिन रात अखियाँ,
खोरे आ जाए प्यारा आसा दिल विच रखियाँ,
पैडी मौत नालो हुंदा दुःख,
झलना जुदाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना
छड के नी जाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना

तेरे भाझो किसे नु मैं दुखड़ा सुनिया नही.
तेरे भाजो किसे मेनू सीने नाल लाया नही,
बहुता नही रोवाईदा अपने प्यारे नु,
बहुता नही रोवईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना
छड के नी जाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना

तेरे तो वगैर साड़ी खड़ी वी नही लंगदी,
हर वेले जींद मेरी दीदार तेरे मंगदी,
छेती फेरा पाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना
छड के नी जाईदा मालिया वे बाग़ सुन्ना

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