man moh leya kundal vale ne bansi di taan suna le naina de teer chal ke

‘मन मोह लिया lll, कुण्डला वाले ने ll,
बंसी दी तान सुना के ll
नैना दे तीर चला के ।
मन मोह लिया ll,,,,

भरी भराई, रह गयी मटकी,
चलदी दूध, मधानी अटकी ll,
वैरण बंसी, दिल विच खटकी ll,
‘ओह तां लै गई lll, चित्त चुरा के,
मन मोह लिया ll,,,

सईओ नी मैं तां, हो गयी झल्ली,
तीर विछोड़े, वाले चल्ली ll,
श्याम मिलन नू, कल्ली चल्ली ll,
‘जोगण दा lll, भेस बना के ll,
मन मोह लिया ll,,,,,

की दस्सां कुझ, वस नहीं मेरे,
पांदी फिरां, गलियाँ विच फेरे ll,
श्याम मिलन नूं, सांझ सवेरे ll,
‘मैं तां थक्क गई lll, बुला बुला के ll,
मन मोह लिया ll,,,,

सईओ पंथ, प्रेम दा औखा,
चलना औखा ते, कहना सौखा ll,
श्याम मिलन दा, ऐहीओ मौका ll,
‘ओह तां मिलदा lll, आप गवा के ll,
मन मोह लिया ll

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