mat na naato ji sanwariya ib to khol tero bhandaar

मत ना नाटो जी सांवरियां ईब तो खोल तेरो भण्डार,
मत ना नाटो जी
त्योहार में सब से बड़ो म्हारो फागण को त्यौहार,
मत ना नाटो जी

दातारि में सबसे उचो नाम तेरो लखदातारी,
दातारि दिखला दे अब तो मत कर सोच विचार,
मत ना नाटो जी

कार्तिक मंगशीर बिल्या पाछे मनड़ो कोणी लागे रे,
यु यु फागण नीडे आवे मन में उठे ज्वार,
मत ना नाटो जी

नीलम भी दरबार में आई सिर पर हाथ फिरा जो जी,
सोनू दीवानी ने धन दौलत सु बढ़कर थारा प्यार,
मत ना नाटो जी

सुना हमे तो फागणिया में जम कर माल लुटावे है,
माल लुटने आओ दलीप भी एह समलो परिवार,
मत ना नाटो जी

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