mera kanhiyan us paar hai

मेरा कन्हैया उस पार है, यमुना में डूबी पतवार है,

तेरे चरणों में सर को झुकाएंगे, सुख दुःख में तेरे ही गुण गायेंगे,
तुम्हें आना पड़ेगा इक बार है, हम सब का तू ही प्राण आधार है,

छायी ये कैसी तेरी माया है,तेरे भगतों पे संकट आया है,
करते सभी तुझसे पुकार है, करना ही तुझको बेड़ा पार है,

यमुना से हम तो पार जाएंगे, ऐसे ही भवसागर तर जायेंगे,
होगा हमारा भी उद्धार है, कान्हा ने थामी पतवार है,

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