mera koi nhi hai tere siwa

मेरा कोई नहीं है तेरे सिवा,
मैं बन के सवाली आया हु,
मेरा कोई नहीं है तेरे सिवा,
मुझे नजरे करमे की भीख मिले,
कर्म की भीख मिले तेरे गुनहगारों को,
सहारा दीजिये सरकार बेसहारो को,
भीख मिले दाता भीख मिले

अगर हज़ूर की रेहमत का आसरा हो जाये,
ज़माने में मुझे जीने का होंसला हो जाये,
भीख मिले दाता भीख मिले
मुझे नजरे करमे की भीख मिले,
मैं खाली झोली लाया हु,
मेरा कोई नहीं है तेरे सिवा,

सदा गुनहाओ में गुजारी है ज़िंदगी सारी,
मैं तुझको भूल गया था रेहमते सारे,
हो गुनाहगार सही फिर भी खुश नसीब हु है मैं,
दूर हो कर के तुझसे फिर भी मैं गरीब हु मैं,
मुझे नजरे कर्म की भीख मिले,
मैं खाली झोली लाया हु,
मेरा कोई नहीं है तेरे सिवा

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