mera man moh hi leya shyam haravale ne

मेरा मन मोह ही लेया श्याम हारावाले ने,
मेरा मन…..मेरा मन…….मेरा मन

अद्वजाले रह गयी मटकी,
मैं भी हो गयी हकी बकी,
माखन चुरा ही लेया श्याम हारावाले ने,
मेरा मन……..

यमुना तट ते मुरली बजावे,
गोपिया दे ओ चीर चुरावे,
चीर चुरा ही लेया श्याम हारावाले ने,
मेरा मन………

श्याम सलोना बड़ा प्यारा,
आज श्याम ने जनम सुधारा,
दर्शन दे ही देया श्याम हारावाले ने,
मेरा मन……..

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