mera pehar khatu dham shyam baba shyam mera pehar khatu dham

श्याम बाबा श्याम मेरा पीहर खाटु धाम
श्याम बाबा श्याम मेरा पीहर खाटु धाम

पाया है हर रिश्ता,मैंने तो तेरे दरबार
प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

मईया का रूप देखा,सूरत में तेरी
ममता निराली देखी,आंखों में तेरी
देख लिया है तुझमे,माँ का स्वरूप साकार
प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

बाबा का प्यार मैंने,पाया है वैसे
रखता ख्याल मेरा,परियां के जैसे
करता मुझसे तू तो,बाबुल के जैसा दुलार
प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

भईया का रूप बनकर,साथ निभाया
जब भी बुलाई हुँ,दौड़ा चला आया
मेरे हर सुख दुःख का,बना है सांझेदार
प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

बहना के जैसे,हर बात समझाए
हो जाये गलती गर,प्यार से बताए
पल पल मुझे संभाले,रखता चिंता हर बार
प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

सखियों के जैसे,पाये प्रेमी ये तेरे
पीहर मे जो था मिला,खाटु में तेरे
रोशन मेरी बगिया,श्याम रखे गुलजार
प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

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