mere ghar ke aage shyam khade hai khatu me jab se paaw pade hai

खाटू में जब से पाँव पड़े है मेरे घर के आगे शयाम खड़े है,

दुखडो को देखे ज़माना है बीता,
वरना बताओ कैसे मैं जीता,
जो उलझे थे धागे सुलझने लगे है,
मेरे घर के आगे शयाम खड़े है,

मतलब के साथी तुम्हे हो मुबारक,
तुम्हारी बदौलत मैं आया यहाँ तक,
खाटू से जब से रिश्ते जुड़े है,
मेरे घर के आगे शयाम खड़े है,

मुसीबत जो आये दूर से देखे,
दिल को मसोसे हाथो को मसले,
पवन के तो घर पे पहरे कड़े है,
मेरे घर के आगे शयाम खड़े है,

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