mere khatu ke charni me jo apna sir jhukata hai

मेरे खाटू के चरणों में जो अपना सिर झुकता है,
उसकी हर बात सुनता है उसका हर काम बनाता है,
मेरे खाटू के चरणों में….

सुनलो इक बात मेरी भी मैं दुनिया में परेशान था,
परेशान था मैं इस जग में ना कोई भी ठिकाना था,
मेरे खाटू के चरणों में….

जब से मेरे सँवारे ने हाथ मेरे सिर पे घुमाया है मेरी तकदीर बदल गई है,
मैंने भी नाम कमाया है,
मेरे खाटू के चरणों में…….

तुम्हरे नाम की मस्ती जो हर भक्त पे छाई है,
कभी उतरे न या मस्ती सब ने ये आस लगाई है,
मेरे खाटू के चरणों में….

ज़माने का सताया हु या दुनिया का ठुकराया हु,
करो चिंता न कोई भये जो मन में श्याम समाया हो
सांवरे से ही दिन और रात दीपक ही बतलाता है,
मेरे खाटू के चरणों में….

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