mere madhav murari shyam tum bansi bajaiya ho

मेरे माधव मुरारी श्याम तुम बंसी बजैया हो
तुम्ही नटवर तुम्ही गिरधर तुम्ही गैया चरैया हो
मेरे माधव मुरारी श्याम…………….

गए थे नाग नाथन को बहाना गेंद का लीना
रसाया रास मधुबन में तुम्ही माखन चुरैया हो
मेरे माधव मुरारी श्याम…………….

सुदामा विप्र को तुमने बनाया रंक से राजा
तुम्ही राधा के प्रियतम हो तुम्ही दाऊ के भैया हो
मेरे माधव मुरारी श्याम…………….

खिचा जब चीर द्रोपदी का बढ़ाया चीर जाकर के
बचाई लाज बहना की लाज के तुम बचैया हो
मेरे माधव मुरारी श्याम…………….

पड़ा हूँ द्वार पे आके उठालो अपने हाथों से
पड़ी मझदार में नैया तुम्ही नैया खिवैया हो
मेरे माधव मुरारी श्याम…………….

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