meri kuch bhi nhi thi aukaar sanware

मेरी कुछ भी नहीं थी औकात सावरे
दुनिया बदली जब से हुई मुलाकात सांवरे

तेरी भक्ति में हर पल मैं रहने लगा
तू हर ग्यारस पे खाटू बुलाने लगा
हुई आंखों ही आंखों में बात सांवरे….

मेरे सुख-दुख का साथी तू बनने लगा
ये भाग्य मेरा भी सवरने लगा
खाटू में हुई करामात सांवरे….

तेरा कर्जा प्रभु मुझ पर चढ़ने लगा
तेरी कृपा से आगे मैं बढ़ने लगा
कहे प्रिंस शुभम दिल की बात सांवरे

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