mujhe shyam shyam kehne de

मुझे श्याम श्याम कहने दे,
ओ पापी मन ठेहरो जरा

गरब में प्रभु से जो वादा किया है
अब तक न मैंने वो पूरा किया है
मुझे वादा निभाने दे ओ पापी मन ठेहरो जरा

जीवन नैया डग मग डोले बीच भवर में खाए हिचकोले,
अब तो उस पार जाने दे ओ पापी मन ठेहरो जरा

ओ पापी मन तूने कुछ न दिया है अमृत को छोड़ विष गोल के पिया है
मुझे अमृत लुटाने दे ओ पापी मन ठेहरो जरा

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