naa kajle ki dhar naa motiyo ke haar na koi kiya shingaar maa tum kitni sunder hi

ना कजले की धार ना मोतियों के हार,
ना कोई किया शृंगार माँ तुम कितनी सूंदर हो,

तेरे माथे पे टिका सोहे तेरे माथे पे बिंदियां सोहे,
ये टिका ये बिंदियां मैं देखु बारम बार,
ना कजले की धार ना मोतियों के हार…….

तेरे कानो में झुमकी सोहे तेरे नक् नथनियाँ सोहे,
ये झुमकी ये नथनी मैं देखु बारम बार,
ना कजले की धार ना मोतियों के हार…..

तेरे गले में हरवा सोहे तेरे गले में माला सोहे,
ये हरवा ये माला मैं देखु बारम बार,
ना कजले की धार ना मोतियों के हार,

तेरे हाथो में चूड़ा सोहे तेरे हाथो में मेहँदी सोहे,
ये चूड़ा ये मेहँदी मैं देखु बारम बार,
ना कजले की धार ना मोतियों के हार…..

तेरे पैरो में पायल सोहे तेरे पैरो में बिछिया सोहे,
ये पायल ये बिचुया मैं देखु बारम बार,
ना कजले की धार ना मोतियों के हार,

तेरे अंगो में लेहंगा सोहे तेरे सिर पे चुनरिया सोहे,
ये लेहंगा ये चुनरी मैं देखु बारम बार,
ना कजले की धार ना मोतियों के हार,

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