pani me nhaate ho satsang me nahaya karo

पानी में नहाते हो सत्संग में नहाया करो

खाए खाए तुमको सब जीवन बीत गया
खाना तो खाते हो कभी गम भी खाया करो

औरों की बुराई तो तुम सुनते सुनाते हो
कुछ अपनी बुराई भी कह कह कर सुनाया करो

निज अवगुण कहने की हिम्मत तो जुटाया करो
पानी में नहाते हो सत्संग में नहाया करो
पानी में नहाती हो सत्संग में नहाया करो

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