sadi zindgai di kisthi da tu bn ja mlaah jogi

साड़ी ज़िन्दगी दी किश्ती दा तू बन जा मलाह जोगी,
तेनु अखियाँ उडीक दियां न दम दा वसाह जोगी,
साड़ी ज़िन्दगी दी किश्ती…..

नाथा तेरे बाझ कोई सानु होर सहारा न,
खेरी किश्ती दुखा ने सहनु दिसे किनारा न,
ला चुप आन आपे सहनु पार लगा जोगी,
साड़ी ज़िन्दगी दी किश्ती …….

तेरे दर्शन नु बाबा साड़े नैन प्यासे ने,
उडी रोनक चेहरे तो खुशे भुलियाँ चो हासे ने,
तानी उलझ साडी नु आपे सुजला जोगी,
साड़ी ज़िन्दगी दी किश्ती …….

सादे वेहड़े आ नाथा कर वरखा खुशियाँ दी,
हाथ मदन आनंद जोड़े आ के सुन ले दुखियां दी,
बलवीर निमाने दी वेदी पार लगा जोगी,
साड़ी ज़िन्दगी दी किश्ती …..

Leave a Reply