sai ek tera sahara ke tum bin kaun hamara

साई एक तेरा सहारा के तुम बिन कौन हमारा,
भवर में मेरी नैया बड़ा ही दूर किनारा,
साई एक तेरा सहारा के तुम बिन कौन हमारा,

कौन अपना बेगाना ये मैंने न जाना,
मोह माया में गिर के आप को न पहचाना,
विनती करता हु स्वामी जान अपना अनुगामी,
मेरी हर सांस से निकले साई नाम तुम्हरा,
साई एक तेरा सहारा के तुम बिन कौन हमारा,

के चंचल मन मेरा भूले कभी नाम न तेरा,
किसी का होना अनहित साई ये प्रण हो मेरा,
तेरे चरणों की रज में कभी न जाओ तज में,
इन्ही चरणों में साई आशिया हमारा,
साई एक तेरा सहारा के तुम बिन कौन हमारा,

साई तुम दीं दयाला जपु तेरे नाम की माला,
मेरे जीवन में साई तेरे ही दम से उजाला,
मैं हु मति मंद अनाडी आया हु शरण तुम्हारी,
मेरी जीवन नाइयाँ का आप ही किनारा,
साई एक तेरा सहारा के तुम बिन कौन हमारा,

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