sher pe hoke sawar darsh dikha jana

शेर पे होके सवार दर्श दिखा जाना,
दर्श दिखा जाना माँ जग की पालनहार,
दर्श दिखा जाना,

तिरकुट पर्वत वसीभवानी ज्वाला जल रही ज्योत नुरानी,
बेहती जल की धार दर्श दिखा जाना,

हाथी मथा कठिन चडाई,
हाथ पकड़ ती खुद माहमई,
चहु और मची जय कार दर्श दिखा जाना,

लांगुर वीर करे अगवानी ठुमक ठुमक फिर चले माहरानी,
नागर की दरकार दर्श दिखा जाना,

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