shri radhe rani de daro bansi mori

श्री राधे रानी दे डारो नी बंसी मोरी
अब राधे रानी दे डारो बंसी मोरी

काहे से गाऊँ राधे काहे से बजाऊँ,
काहे से लाऊं गैया घेरी,
श्री राधे रानी दे डारो ……….

मुखड़े से गाओ कान्हा हाथो से बजाओ,
चिटिये से लाओ गैया घेरी,
श्री राधे रानी दे डारो…….

या बंसी में मेरो प्राण बसत है,
सो बंसी गई चोरी,
श्री राधे रानी दे डारो…….

ना सोने की कान्हा ना रूपे की,
हरिये बाँस की पोरी,
श्री राधे रानी दे डारो नी बंसी हमारी,

चन्द्रसखि भज बाल कृष्ण छवि,
चिरंजी रहे जुगल जोड़ी,
श्री राधे रानी दे डारो नी बंसी हमारी,

कृष्ण भजन
सिंगर – भरत कुमार दबथरा

This Post Has One Comment

Leave a Reply