shyam tere dar ka jo gulam ho jaye suhani uski har ik shubha ho jaye

श्याम है मेरी आत्मा श्याम है दिल के चैन,
श्याम नहीं जिन में बसे सुने है वो है नैन,

श्याम तेरे दर का जो गुलाम हो जाये,
सुहानी उसकी हर इक सुबहा हो जाये,
श्याम तेरे दर का जो गुलाम हो जाये,

धनवान है ज़माने में कोई गरीब है,
है खुश नसीब चरणों के जो भी करीब है,
जिसके मन मंदिर में तुम्हारा धाम हो जाये,
श्याम तेरे दर का जो गुलाम हो जाये,

कीमत बनाई आप ने लाखो करड़ो की,
जिसने भी नाव तेरे सहारे पे छोड़ दी,
काम हो उसका और तुम्हरा नाम हो जाये,
श्याम तेरे दर का जो गुलाम हो जाये,

जिसको साहरा दे दिया किस्मत स्वर गई,
खुशियों से उसी भक्त की झोली भी भर गई,
नसीब जिसको भी भक्ति का जाम हो जाये,
श्याम तेरे दर का जो गुलाम हो जाये,

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