sidh jogi paunahari bhagtan de rakhwalle

ओ सिद्ध जोगी पौनाहारी भगता दे रखवाले,
ओ सबना दे पाप कटदे आउंदा है जो वी द्वारे,
ओ सिद्ध जोगी पौनाहारी……

शाहतलाइया बाबे धुना लगाया,
तोडेया हंकार गुरु गोरख अजमाया,
ओ मुंद्रा नी पा सकेया देखदे रेह गये सारे
ओ सिद्ध जोगी पौनाहारी

रतनो माई दियां गौआ चरौन्दा,
ताड़ी लगा के जोगी शिवा नु ध्यौन्दा,
ओ एसी लाई ताड़ी जटा दे खेत उजाड़े,
ओ सिद्ध जोगी पौनाहारी

लै के उलाहमा जट रतनो दे आये,
तेरे बालक ने साडे खेत चराए
ओ ला के बैठा एसी ताड़ी बोलदा नी किसी दे बुलाये,
ओ सिद्ध जोगी पौनाहारी

सुनके आवाज माँ रतनो है आई,
आ के आवाज बाबे बालक नु ;लगाई
ओ जदों देखे खेत जटा ने पेहला नालो दून सवाए,
ओ सिद्ध जोगी पौनाहारी

सांब लै माये हूँ लसी ते रोटियां
हूँ नहियो निभनियाँ तेरियां ते मेरियां,
ओ मोरा दी सवारी करके उड़ गया दुधाथारी
ओ सिद्ध जोगी पौनाहारी

Leave a Reply