tere dar pe aane ko jee chahta hai

तेरे दर पे आने को जी चाहता है,
अपना बनाने को जी चाहता है,

दिलबर तुम ही हो तुम ही मीत प्यारे,
शरणागत के दाता तुम ही तो सहारे,
दिलो जान लुटाने को जी चाहता है,

स्वासो में बस गये दिल की हो धड़कन,
दिल है दीवाना ये यो झूम रहा है मन,
बलिहारी जाने को जी चाहता है,

मर्जी तुम्हारी आवो न आवो,
भूलता रहुगा चाहे जितना सताओ जितना सताओ,
तेरी बंदगी को ये जी चाहता है,

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