tere hote kyu gili hai meri akhiyan bta do maa

मैं नन्ना फूल तेरा माँ तेरी भगिया की डाली का,
तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ,
ओ माँ महासर माँ ओ माँ महासर माँ,

हुई मुझसे गलती क्या बता दो ओ महासर माँ,
क्यों बैठी हो रूठी सी हसदो महासर माँ,
पेरशान हो रहा हु माँ,
अकेला रो रहा हु माँ,
तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियाँ महासर माँ

सुना है मैंने माँ का दिल नहीं होता है पत्थर का,
महासर माँ चली आना भूलता तेरा बेटा माँ,
मुझे अपना बना ले माँ शरण अपनी लगा ले माँ
तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियाँ महासर माँ

तेरे रही का है सपना बना लो माँ मुझे अपना,
मैं देखो तेरा दर्शन माँ यही अरदास मेरी माँ,
मेरा विश्वाश टूटे न सपनो की आस छूटे न,
तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियाँ महासर माँ

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