tune pakdi meri kalhaai

तूने पकड़ी मेरी कलहाइ किसी से अब क्या लेना,
तूने ऐसी जीत दिलाई ख़ुशी से झलके नैना,
तूने पकड़ी मेरी कलहाइ किसी से अब क्या लेना,

लबो की हसि दे दी,
मैंने अर्जी जो ही लगाई तूने ऐसी की सुनवाई,
मेरी पल में बिगड़ी बनाई किसी से अब क्या लेना,
तूने पकड़ी मेरी कलहाइ किसी से अब क्या लेना,

पास न था पैसा ठेला,
मैंने तुझको साड़ी बताई तूने मोर छड़ी लहराई,
ऐसी भजनो की माला पहनाई किसी से अब क्या लेना,
तूने पकड़ी मेरी कलहाइ किसी से अब क्या लेना,

सोचु क्या लागू तेरा,
तुझसे क्या है रिश्ता मेरा फिर क्यों तूने प्रीत लगाई क्यों ऐसी यारी निभाई,
तब शेल्ली की आँख भर आई किसी से अब क्या लेना,
तूने पकड़ी मेरी कलहाइ किसी से अब क्या लेना,

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