vinti suno banwari deen dayal girdhaari

विनती सुनो बनवारी दीनदयाल गिरधारी॥

जानम जानम का तुमसे नाता,
तुम ही जाग के भाग्या विधाता,॥
तुम संग प्रीत हमारी दीनदयाल गिरधारी,
विनती सुनो बनवारी दीनदयाल गिरधारी॥

तुम दाता हम दासा स्वामी,
तुम सब जानो अंतर्यामी॥
तुम जाग के हितकारी दीनदयाल गिरधारी,
विनती सुनो बनवारी दीनदयाल गिरधारी॥

मोर मुकुट पीताम्बर धारी,
हे मान मोहन गिरवर्धारी॥
हम हैं शरण टिहरी दीनदयाल गिरधारी,
विनती सुनो बनवारी दीनदयाल गिरधारी॥
विनती सुनो बनवारी दीनदयाल गिरधारी॥

कृष्ण भजन

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