ye mera sai sda meri laah rakhta hai ye apne sir pe khudai ka taaj rakhta hai

ये मेरा साईं सदा मेरी लाज रखता है,
ये अपने सिर पे खुदाई का ताज रखता है,
ये मेरा साईं सदा मेरी लाज रखता है,

धर्म की ठोकरे खाये क्यों तेरा दीवाना,
ये पूजने को तुझे दिल में आज रखता है,
ये अपने सिर पे खुदाई का ताज रखता है,

जिसे भी चाहे नीबाजे मेरा साईं ये,
दिलो पे सारे जमाने के राज रखता है,
ये अपने सिर पे खुदाई का ताज रखता है,

हमेशा दर पे तेरे सजदे में पड़े रहना,
तेरा दीवाना यही कामो काज रखता है,
ये अपने सिर पे खुदाई का ताज रखता है,

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