श्री शिव गायत्री मन्त्र (Shri Shiv Gayatri Mantra
॥ भगवान शिव गायत्री मन्त्र ॥
ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि।
तन्नः शिवः प्रचोदयात्॥
मन्त्र का अनुवाद
हे देवों के देव महादेव! आप सर्वव्यापी हैं, हे साक्षात् रुद्र! हे संहारकर्ता!, हम आपका ध्यान करते हैं तथा सद्बुद्धि की प्राप्ति हेतु प्रार्थना करते हैं। हे परम पवित्र शिव! हमारे अन्तर्मन को अपने आत्मतेज रूपी प्रकाश से प्रकाशित करें।
ॐ – भगवान शिव का बीज मन्त्र।
महादेवाय – हे देवों के देव महादेव।
विद्महे – आप सर्वव्यापी हैं।
रुद्रमूर्तये – जो स्वयं रुद्र स्वरूप हैं।
धीमहि – हम आपका ध्यान करते हैं।
तन्नः शिवः – हे परम पवित्र शिव।
प्रचोदयात् – हमारे अन्तर्मन को आत्मतेज रूपी प्रकाश से प्रकाशित करें।