मुहब्बत और.. हाजरा मसरूर . (कहानी)

मुहब्बत और.. हाजरा मसरूर . (कहानी)

मुहब्बत और.. हाजरा मसरूर . (कहानी)  बाहर ख़ूब ज़ोर-शोर से आँधी चल रही थी। लैम्प की मद्धम सी रौशनी में कमरा ख़ौफ़नाक मा’लूम हो रहा था। माँ आहिस्ता-आहिस्ता क़दम उठाती बंद दरवाज़े की तरफ़ बढ़ी लेकिन अचानक पलट कर लैम्प की बत्ती ऊँची कर दी। “मेरी बच्ची, मेरा तो कलेजा फटा जा रहा है… तुम … Read more

औरत -हाजरा मसरूर (कहानी)

औरत -हाजरा मसरूर (कहानी)

औरत -हाजरा मसरूर (कहानी) “तसद्दुक़ भाई! ये कंघी से ना-आश्ना बिखरे हुए बाल, ये कसीफ़ पोशाक और ये बढ़ा हुआ ख़त, मैं पूछती हूँ आपको क्या हो गया है?”, क़ुदसिया ने तसद्दुक़ को हैरत से देखते हुए कहा। जो एक मुद्दत के बा’द उसके सामने था। “क़ुदसी! अंजान न बनो। मैं अपने मुज़्तरिब दिल को … Read more

भागभरी -हाजरा मसरूर (कहानी)

भागभरी -हाजरा मसरूर (कहानी)

भागभरी -हाजरा मसरूर (कहानी) यह उन दिनों की बात है जब मैंने नयी-नयी प्रैक्टिस शुरू की थी। मेडिकल कॉलेज के ज़माने में मैंने अपनेआप पर रुपयों की कैसी-कैसी बारिश होते न देखी थी। अपने बड़े-बड़े प्रोफ़ेसरों की लम्बी-लम्बी कारें देख आदमी और सोच भी क्या सकता था। मगर जब डिग्री लेकर इस बाज़ार में आयी, … Read more

अप्रैल की एक ख़ुशगवार सुबह सौ प्रतिशत सम्पूर्ण लड़की को देखने पर- हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

अप्रैल की एक ख़ुशगवार सुबह सौ प्रतिशत सम्पूर्ण लड़की को देखने पर-  हारुकी मुराकामी  (जापानी कहानी)

अप्रैल की एक ख़ुशगवार सुबह सौ प्रतिशत सम्पूर्ण लड़की को देखने पर- हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी) अप्रैल की एक ख़ुशगवार सुबह टोक्यो के फ़ैशन-परस्त हराजूकू इलाक़े की एक तंग गली में मैं सौ प्रतिशत सम्पूर्ण लड़की की बग़ल से गुज़रता हूँ। आपको सच बताता हूँ, वह दिखने में उतनी सुंदर नहीं है। भीड़ में वह … Read more

सातवाँ आदमी -हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

सातवाँ आदमी -हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

सातवाँ आदमी -हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी) “एक ऊँची लहर मुझे लगभग बहा कर ले गई,” सातवें आदमी ने तक़रीबन फुसफुसाते हुए कहा। “यह घटना मेरे साथ सितम्बर की एक दोपहर में घटी जब मैं दस साल का था।” वह उस रात वहाँ कहानी सुनाने वाला अंतिम आदमी था। घड़ी की सुइयाँ दस से ऊपर बजा … Read more

अग्निदाह – हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

अग्निदाह – हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

अग्निदाह – हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी) मैं उससे अपने एक मित्र के विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित भोज के दौरान यहीं टोक्यो में मिला था और फिर हम दोनों का एक दूसरे से परिचय हो गया। हमारे बीच लगभग एक दर्जन वर्षों का उम्र का अंतर था, वह बीस की थी और मैं इकत्तीस का। … Read more

बर्थडे गर्ल — हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

बर्थडे गर्ल — हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

बर्थडे गर्ल — हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी) 1 अन्य दिनों की भांति उस दिन भी वह परिचारिका का काम कर रही थी, अपने बीसवें जन्मदिन पर। वह हमेशा ही शुक्रवार को काम किया करती थी, लेकिन यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ होता तो उस विशेष शुक्रवार उसका रात का अवकाश होता। दूसरी अंशकालिक … Read more

शिकारी चाकू – हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

शिकारी चाकू – हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

शिकारी चाकू – हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी) 1 समुद्र के किनारे दो रफ्टे (rafts) जुड़वां द्वीपों की भांति लंगर डाले हुए थे। वे किनारे से तैर कर जाने के लिए एकदम ठीक दूरी पर थे- पहले तक पहुँचने के लिए ठीक पचास स्ट्रोक और फिर उससे दूसरे तक के लिए तीस स्ट्रोक। चौदह फीट के … Read more

किनो- हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

किनो- हारुकी मुराकामी  (जापानी कहानी)

किनो- हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी) 1 वह व्यक्ति सदैव काउंटर से सबसे दूर वाले कोने में एक निश्चित सीट पर बैठता था। निश्चय ही तब जब उस सीट पर कोई पहले से न बैठा होता, लेकिन वह सीट लगभग हमेशा ही खाली रहती थी। बार में शायद ही कभी बहुत भीड़-भाड़ होती थी और वह … Read more

प्रेम में सम्सा -हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

प्रेम में सम्सा -हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी)

प्रेम में सम्सा -हारुकी मुराकामी (जापानी कहानी) नींद से जागते ही उसे पता चला कि उस का कायांतरण हो गया है और वह ग्रिगोर सम्सा बन गया है। वह छत को ताकता हुआ पीठ के बल चारपाई पर सीधे लेटा रहा। उसकी आँखों को प्रकाश की अनुपस्थिति से सामंजस्य बनाने में समय लगा। छत हर … Read more