तेजादशमी कथा (Teja Dashmi Katha

तेजादशमी कथा (Teja Dashmi Katha

तेजादशमी कथा (Teja Dashmi Katha वीर तेजाजी की जन्म कथा : तेजाजी के जन्म के बारे में जन मानस के बीच प्रचलित एक राजस्थानी कविता के आधार पर मनसुख रणवा का मत है: जाट वीर धौलिया वंश गांव खरनाल के मांय । आज दिन सुभस भंसे बस्ती फूलां छाय ॥ शुभ दिन चौदस वार गुरु, शुक्ल माघ … Read more

माँ धूमावती उत्पत्ति कथा (Dhumavati Utpatti Katha

माँ धूमावती उत्पत्ति कथा (Dhumavati Utpatti Katha

माँ धूमावती उत्पत्ति कथा (Dhumavati Utpatti Katha   माँ धूमावती दस महाविद्या में से सातवीं देवी हैं। माता का यह रूप पुराने एवं मलिन वस्त्र धारण किये एक वृद्ध विधवा का है, उनके केश पूर्णतः अव्यवस्थित हैं।सभी महाविद्याओं के ही समान यह कोई आभूषण धारण नहीं करती हैं। देवी का यह रूप अशुभ एवं अनाकर्षक … Read more

सोम प्रदोष व्रत कथा (Som Pradosh Vrat Katha)

सोम प्रदोष व्रत कथा (Som Pradosh Vrat Katha)

सोम प्रदोष व्रत कथा (Som Pradosh Vrat Katha) जो प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है वह प्रदोष सोम प्रदोष व्रत कहलाता है। सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है अतः इस दिन प्रदोष व्रत होने से उसकी महत्ता और भी अधिक बढ जाती है। एक नगर में एक ब्राह्मणी रहती थी। उसके पति का … Read more

योगिनी एकादशी व्रत कथा (Yogini Ekadashi Vrat Katha

योगिनी एकादशी व्रत कथा (Yogini Ekadashi Vrat Katha

योगिनी एकादशी व्रत कथा (Yogini Ekadashi Vrat Katha योगिनी एकादशी का महत्त्व: हिंदू धर्म ग्रंथों में हर एकादशी का अपना अलग महत्व बताया गया है। इन्हीं अलग-अलग विशेषताओं के कारण इनके नाम भी भिन्न-भिन्न रखे गये हैं। प्रत्येक वर्ष में चौबीस एकादशियां होती हैं, मल मास की एकादशियों को मिलाकर इनकी संख्या 26 हो जाती … Read more

नर्मदेश्वर शिवलिंग बने की पौराणिक कथा (Narmadeshwar Shivling Banane Ki Pauranik Katha

नर्मदेश्वर शिवलिंग बने की पौराणिक कथा (Narmadeshwar Shivling Banane Ki Pauranik Katha

नर्मदेश्वर शिवलिंग बने की पौराणिक कथा (Narmadeshwar Shivling Banane Ki Pauranik Katha भगवान शिव की पूजा के लिए शिवलिंग की पूजा करने का प्रावधान है, शिवलिंग के भी विभिन्न प्रकार हैं जैसे – स्वयंभू शिवलिंग, नर्मदेश्वर शिवलिंग, जनेउधारी शिवलिंग, पारद शिवलिंग, सोने एवं चांदी के शिवलिंग। इनमें से नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा को सर्वश्रेष्ठ फलदायी … Read more

गोपेश्वर महादेव की लीला (Gopeshwar Mahadev Leela Katha)

गोपेश्वर महादेव की लीला (Gopeshwar Mahadev Leela Katha)

गोपेश्वर महादेव की लीला (Gopeshwar Mahadev Leela Katha) एक बार शरद पूर्णिमा की शरत-उज्ज्वल चाँदनी में वंशीवट यमुना के किनारे श्याम सुंदर साक्षात मन्मथनाथ की वंशी बज उठी। श्रीकृष्ण ने छ: मास की एक रात्रि करके मन्मथ का मानमर्दन करने के लिए महारास किया था। जब महारास की गूंज सारी त्रिलोकी में गई तो हमारे … Read more

आषाढ़ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Ashadha Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha

आषाढ़ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Ashadha Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha

आषाढ़ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Ashadha Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha पार्वती जी ने पूछा कि हे पुत्र ! आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी को गणेश की पूजा कैसे करनी चाहिए? आषाढ़ मास के गणपति देवता का क्या नाम है? उनके पूजन आदि का क्या विधान है, सो आप मुझसे कहिए? गणेश जी ने कहा आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी … Read more

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha शुक्रवार के दिन माँ संतोषी का व्रत-पूजन किया जाता है। इस पूजा के दौरान माता की आरती, पूजन तथा अंत में माता की कथा सुनी जाती है। आइए जानें! शुक्रवार के दिन की जाने वाली संतोषी माता व्रत कथा.. संतोषी माता व्रत कथा- एक बुढ़िया … Read more

रक्षाबंधन कथा (Raksha Bandhan Katha)

रक्षाबंधन कथा (Raksha Bandhan Katha)

रक्षाबंधन कथा (Raksha Bandhan Katha) भगवान इंद्र और उनकी पत्नी शची की कहानी: रक्षाबंधन की अनेक कथाएँ प्रचलित हैं, लेकिन भविष्य पुराण में वर्णित कथा सबसे प्रामाणिक है। रक्षाबंधन के पीछे व्रतराज में भी भविष्य पुराण की कथा का उल्लेख मिलता है। युगों पूर्व, देवताओं और दानवों के बीच भीषण युद्ध हुआ था। यह भीषण … Read more

हिरण्यगर्भ दूधेश्वर ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा! (Hiranyagarbh Shri Dudheshwarnath Mahadev Utpatti Pauranik Katha)

हिरण्यगर्भ दूधेश्वर ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा! (Hiranyagarbh Shri Dudheshwarnath Mahadev Utpatti Pauranik Katha)

हिरण्यगर्भ दूधेश्वर ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा! (Hiranyagarbh Shri Dudheshwarnath Mahadev Utpatti Pauranik Katha) ॐ हौं जूं स: ॐ भू र्भुव: स्व:। ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम् ॥ उर्वारुक मिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात। स्व: भुव: भू ॐ स: जूं हौं ॐ ॥ द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अतिरिक्त अनेक ऐसे हिरण्यगर्भ शिवलिंग हैं, जिनका बड़ा अदभुत महातम्य … Read more