आरती: श्री महावीर भगवान | जय सन्मति देवा (Shri Mahaveer Bhagwan 3 Jai Sanmati Deva

आरती: श्री महावीर भगवान | जय सन्मति देवा (Shri Mahaveer Bhagwan 3 Jai Sanmati Deva

आरती: श्री महावीर भगवान | जय सन्मति देवा (Shri Mahaveer Bhagwan 3 Jai Sanmati Deva   जय सन्मति देवा, प्रभु जय सन्मति देवा। वर्द्धमान महावीर वीर अति, जय संकट छेवा ॥ ॥ऊँ जय सन्मति देवा…॥ सिद्धार्थ नृप नन्द दुलारे, त्रिशला के जाये । कुण्डलपुर अवतार लिया, प्रभु सुर नर हर्षाये ॥ ॥ऊँ जय सन्मति देवा…॥ … Read more

त्रिमूर्तिधाम: श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti Trimurtidham

त्रिमूर्तिधाम: श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti Trimurtidham

त्रिमूर्तिधाम: श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti Trimurtidham   जय हनुमत बाबा, जय जय हनुमत बाबा । रामदूत बलवन्ता, रामदूत बलवन्ता, सब जन मन भावा । जय जय हनुमत बाबा । अंजनी गर्भ सम्भूता, पवन वेगधारी, बाबा पवन वेगधारी । लंकिनी गर्व निहन्ता, लंकिनी गर्व निहन्ता, अनुपम बलधारी । जय जय हनुमत … Read more

भारत माता की आरती (Bharat Mata Ki Aarti

भारत माता की आरती (Bharat Mata Ki Aarti

भारत माता की आरती (Bharat Mata Ki Aarti   आरती भारत माता की, जगत के भाग्य विधाता की । आरती भारत माता की, ज़गत के भाग्य विधाता की । सिर पर हिम गिरिवर सोहै, चरण को रत्नाकर धोए, देवता गोदी में सोए, रहे आनंद, हुए न द्वन्द, समर्पित छंद, बोलो जय बुद्धिप्रदाता की, जगत के … Read more

श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती (Shakumbhari Devi Ki Aarti

श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती (Shakumbhari Devi Ki Aarti

श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती (Shakumbhari Devi Ki Aarti   हरि ओम श्री शाकुम्भरी अंबा जी की आरती क़ीजो एसी अद्वभुत रूप हृदय धर लीजो शताक्षी दयालू की आरती किजो तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ, सब घट तुम आप भखनी माँ शकुंभारी अंबा जी की आरती किजो तुम्ही हो शाकुम्भर, तुम ही हो सताक्षी … Read more

आरती: श्री रामायण जी (Shri Ramayan Ji

आरती: श्री रामायण जी (Shri Ramayan Ji

आरती: श्री रामायण जी (Shri Ramayan Ji   आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद । बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥ शुक सनकादिक शेष अरु शारद । बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥ ॥ आरती श्री रामायण जी की..॥ गावत बेद पुरान अष्टदस । छओं शास्त्र सब … Read more

आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली (Saraswati Om Jai Veene Wali

आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली (Saraswati Om Jai Veene Wali

आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली (Saraswati Om Jai Veene Wali   ओइम् जय वीणे वाली, मैया जय वीणे वाली ऋद्धि-सिद्धि की रहती, हाथ तेरे ताली ऋषि मुनियों की बुद्धि को, शुद्ध तू ही करती स्वर्ण की भाँति शुद्ध, तू ही माँ करती॥ 1 ॥ ज्ञान पिता को देती, गगन शब्द से तू विश्व … Read more

आरती राम लला की (Aarti Ram Lala Ki

आरती राम लला की (Aarti Ram Lala Ki

आरती राम लला की (Aarti Ram Lala Ki   आरती कीजे श्रीरामलला की । पूण निपुण धनुवेद कला की ॥ धनुष वान कर सोहत नीके । शोभा कोटि मदन मद फीके ॥ सुभग सिंहासन आप बिराजैं । वाम भाग वैदेही राजैं ॥ कर जोरे रिपुहन हनुमाना । भरत लखन सेवत बिधि नाना ॥ शिव अज … Read more

आरती: श्री रामचन्द्र जी (Shri Ramchandra Ji 2

आरती: श्री रामचन्द्र जी (Shri Ramchandra Ji 2

आरती: श्री रामचन्द्र जी (Shri Ramchandra Ji 2   आरती कीजै रामचन्द्र जी की। हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥ पहली आरती पुष्पन की माला। काली नाग नाथ लाये गोपाला॥ दूसरी आरती देवकी नन्दन। भक्त उबारन कंस निकन्दन॥ तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे। रत्‍‌न सिंहासन सीता रामजी सोहे॥ चौथी आरती चहुं युग पूजा। देव निरंजन स्वामी और … Read more

श्री भगवत भगवान की है आरती! (Shri Bhagwat Bhagwan Ki Aarti

श्री भगवत भगवान की है आरती! (Shri Bhagwat Bhagwan Ki Aarti

श्री भगवत भगवान की है आरती! (Shri Bhagwat Bhagwan Ki Aarti   श्री भगवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती। ये अमर ग्रन्थ ये मुक्ति पन्थ, ये पंचम वेद निराला, नव ज्योति जलाने वाला। हरि नाम यही हरि धाम यही, यही जग मंगल की आरती पापियों को पाप से है तारती॥ … Read more

श्री जानकीनाथ जी की आरती (Shri Jankinatha Ji Ki Aarti

श्री जानकीनाथ जी की आरती (Shri Jankinatha Ji Ki Aarti

श्री जानकीनाथ जी की आरती (Shri Jankinatha Ji Ki Aarti   ॐ जय जानकीनाथा, जय श्री रघुनाथा । दोउ कर जोरें बिनवौं, प्रभु! सुनिये बाता ॥ ॐ जय..॥ तुम रघुनाथ हमारे, प्राण पिता माता । तुम ही सज्जन-संगी, भक्ति मुक्ति दाता ॥ ॐ जय..॥ लख चौरासी काटो, मेटो यम त्रासा । निशदिन प्रभु मोहि रखिये, … Read more