विश्वकर्मा आरती (Vishwakarma Aarti

विश्वकर्मा आरती (Vishwakarma Aarti

विश्वकर्मा आरती (Vishwakarma Aarti   जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा ॥ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । आदि सृष्टि मे विधि को, श्रुति उपदेश दिया । जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । … Read more

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु (Om Jai Mahavir Prabhu

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु (Om Jai Mahavir Prabhu

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु (Om Jai Mahavir Prabhu   ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभु । कुण्डलपुर अवतारी, चांदनपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभु ॥ सिध्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी । बाल ब्रह्मचारी व्रत, पाल्यो तप धारी ॥ ॥ॐ जय महावीर प्रभु…॥ आतम ज्ञान विरागी, सम दृष्टि धारी । माया मोह विनाशक, ज्ञान … Read more

श्री कुबेर जी आरती – जय कुबेर स्वामी (Shri Kuber Aarti, Jai Kuber Swami

श्री कुबेर जी आरती – जय कुबेर स्वामी (Shri Kuber Aarti, Jai Kuber Swami

श्री कुबेर जी आरती – जय कुबेर स्वामी (Shri Kuber Aarti, Jai Kuber Swami जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी, हे समरथ परिपूरन । हे समरथ परिपूरन । हे अन्तर्यामी ॥ ॐ जय कुबेर स्वामी प्रभु जय कुबेर स्वामी.. जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी, हे समरथ परिपूरन । -x2 हे अन्तर्यामी । … Read more

अहोई माता आरती (Ahoi Mata Aarti

अहोई माता आरती (Ahoi Mata Aarti

अहोई माता आरती (Ahoi Mata Aarti   जय अहोई माता, जय अहोई माता । तुमको निसदिन ध्यावत, हर विष्णु विधाता ॥ ॐ जय अहोई माता ॥ ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला, तू ही है जगमाता । सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॐ जय अहोई माता ॥ माता रूप निरंजन, सुख-सम्पत्ति दाता । जो कोई तुमको ध्यावत, … Read more

जानकी माता आरती (Janaki Mata Aarti

जानकी माता आरती (Janaki Mata Aarti

जानकी माता आरती (Janaki Mata Aarti ॥ जानकी माता आरती ॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की। राममधुपमन कमल कली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ रामचन्द्र, मुखचन्द्र चकोरी। अन्तर साँवर बाहर गोरी। सकल सुमन्गल सुफल फली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ पिय दृगमृग जुग-वन्धन डोरी, पीय प्रेम रस-राशि किशोरी। पिय मन गति विश्राम थली … Read more

आरती श्री वृषभानुसुता – राधा आरती (Radha Aarti: Aarti Shri Vrashbhanusuta Ki

आरती श्री वृषभानुसुता – राधा आरती (Radha Aarti: Aarti Shri Vrashbhanusuta Ki

आरती श्री वृषभानुसुता – राधा आरती (Radha Aarti: Aarti Shri Vrashbhanusuta Ki   आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥ त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेकविराग विकासिनि । पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि, सुन्दरतम छवि सुन्दरता की ॥ ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥ मुनि मन मोहन मोहन मोहनि, मधुर मनोहर मूरति सोहनि … Read more

आरती युगलकिशोर की कीजै (Aarti Shri Yugal Kishoreki Keejai

आरती युगलकिशोर की कीजै (Aarti Shri Yugal Kishoreki Keejai

आरती युगलकिशोर की कीजै (Aarti Shri Yugal Kishoreki Keejai   आरती युगलकिशोर की कीजै । तन मन धन न्योछावर कीजै ॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै । हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥ रवि शशि कोटि बदन की शोभा । ताहि निरखि मेरो मन लोभा ॥ ओढ़े नील पीत पट सारी । कुंजबिहारी गिरिवरधारी ॥ … Read more

श्री ललिता माता की आरती (Shri Lalita Mata Ki Aarti

श्री ललिता माता की आरती (Shri Lalita Mata Ki Aarti

श्री ललिता माता की आरती (Shri Lalita Mata Ki Aarti   श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी । राजेश्वरी जय नमो नमः ॥ करुणामयी सकल अघ हारिणी । अमृत वर्षिणी नमो नमः ॥ जय शरणं वरणं नमो नमः । श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ॥ अशुभ विनाशिनी, सब सुख दायिनी । खल-दल नाशिनी नमो नमः ॥ भण्डासुर वधकारिणी … Read more

श्री चित्रगुप्त आरती (Shri Chitragupt Aarti

श्री चित्रगुप्त आरती (Shri Chitragupt Aarti

श्री चित्रगुप्त आरती (Shri Chitragupt Aarti   भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती ॐ जय चित्रगुप्त हरे, स्वामीजय चित्रगुप्त हरे । भक्तजनों के इच्छित, फलको पूर्ण करे॥ विघ्न विनाशक मंगलकर्ता, सन्तनसुखदायी । भक्तों के प्रतिपालक, त्रिभुवनयश छायी ॥ ॐ जय चित्रगुप्त हरे…॥ रूप चतुर्भुज, श्यामल मूरत, पीताम्बरराजै । मातु इरावती, दक्षिणा, वामअंग साजै ॥ ॐ … Read more

श्री शनि देव: आरती कीजै नरसिंह कुंवर की (Shri Shani Dev Aarti Keejai Narasinh Kunwar Ki

श्री शनि देव: आरती कीजै नरसिंह कुंवर की (Shri Shani Dev Aarti Keejai Narasinh Kunwar Ki

श्री शनि देव: आरती कीजै नरसिंह कुंवर की (Shri Shani Dev Aarti Keejai Narasinh Kunwar Ki   आरती कीजै नरसिंह कुंवर की । वेद विमल यश गाउँ मेरे प्रभुजी ॥ पहली आरती प्रह्लाद उबारे । हिरणाकुश नख उदर विदारे ॥ दुसरी आरती वामन सेवा । बल के द्वारे पधारे हरि देवा ॥ तीसरी आरती ब्रह्म … Read more