गुरुदेव आरती – श्री नंगली निवासी सतगुरु (Guru Aarti – Shri Nangli Niwasi Satguru

गुरुदेव आरती – श्री नंगली निवासी सतगुरु (Guru Aarti – Shri Nangli Niwasi Satguru

गुरुदेव आरती – श्री नंगली निवासी सतगुरु (Guru Aarti – Shri Nangli Niwasi Satguru   आरती श्री गुरुदेव जी की गाऊँ । बार-बार चरणन सिर नाऊँ ॥ त्रिभुवन महिमा गुरु जी की भारी । ब्रह्मा विष्णु जपे त्रिपुरारी ॥ राम कृष्ण भी बने पुजारी । आशीर्वाद में गुरु जी को पाऊं ॥ भव निधि तारण … Read more

श्री जगन्नाथ आरती – चतुर्भुज जगन्नाथ (Shri Jagganath Aarti – Chaturbhuja Jagannatha

श्री जगन्नाथ आरती – चतुर्भुज जगन्नाथ (Shri Jagganath Aarti – Chaturbhuja Jagannatha

श्री जगन्नाथ आरती – चतुर्भुज जगन्नाथ (Shri Jagganath Aarti – Chaturbhuja Jagannatha   चतुर्भुज जगन्नाथ कंठ शोभित कौसतुभः ॥ पद्मनाभ, बेडगरवहस्य, चन्द्र सूरज्या बिलोचनः जगन्नाथ, लोकानाथ, निलाद्रिह सो पारो हरि दीनबंधु, दयासिंधु, कृपालुं च रक्षकः कम्बु पानि, चक्र पानि, पद्मनाभो, नरोतमः जग्दम्पा रथो व्यापी, सर्वव्यापी सुरेश्वराहा लोका राजो, देव राजः, चक्र भूपह स्कभूपतिहि निलाद्रिह बद्रीनाथशः, … Read more

भैरव आरती (Bhairav Aart

भैरव आरती (Bhairav Aart

भैरव आरती (Bhairav Aart   ॥ श्री भैरव देव जी आरती ॥ जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा । जय काली और गौर देवी कृत सेवा ॥ ॥ जय भैरव देवा…॥ तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक । भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक ॥ ॥ जय भैरव देवा…॥ वाहन श्वान विराजत कर … Read more

पंच परमेष्ठी आरती (Panch Parmeshthi Aarti

पंच परमेष्ठी आरती (Panch Parmeshthi Aarti

पंच परमेष्ठी आरती (Panch Parmeshthi Aarti   इह विधि मंगल आरति कीजे, पंच परमपद भज सुख लीजे । इह विधि मंगल आरति कीजे, पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ पहली आरति श्रीजिनराजा, भव दधि पार उतार जिहाजा । इह विधि मंगल आरति कीजे, पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ दूसरी आरति सिद्धन केरी, सुमिरन करत … Read more

श्री सूर्य देव – ऊँ जय सूर्य भगवान (Shri Surya Dev Om Jai Surya Bhagwan

श्री सूर्य देव – ऊँ जय सूर्य भगवान (Shri Surya Dev Om Jai Surya Bhagwan

श्री सूर्य देव – ऊँ जय सूर्य भगवान (Shri Surya Dev Om Jai Surya Bhagwan   ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥ सारथी अरूण हैं प्रभु तुम, श्वेत … Read more

श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा (Shri Jhulelal Om Jai Doolah Deva

श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा (Shri Jhulelal Om Jai Doolah Deva

श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा (Shri Jhulelal Om Jai Doolah Deva  भगवान झूलेलाल, लाल साई, उदेरो लाल, वरुण देव, दूलह लाल, दरिया लाल , जिंदा पीर  ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ तुहिंजे दर दे केई, सजण अचनि सवाली । दान वठन … Read more

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani | स्तुति श्री हिंगलाज माता और श्री विंध्येश्वरी माता की आरती    सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल । ले तेरी भेंट चढ़ायो माँ ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ … Read more

श्रीदेवीजी की आरती – जगजननी जय! जय (Shri Deviji Ki Aarti – Jaijanani Jai Jai

श्रीदेवीजी की आरती – जगजननी जय! जय (Shri Deviji Ki Aarti – Jaijanani Jai Jai

श्रीदेवीजी की आरती – जगजननी जय! जय (Shri Deviji Ki Aarti – Jaijanani Jai Jai   जगजननी जय! जय!! माँ! जगजननी जय! जय!! भयहारिणि, भवतारिणि, माँ भवभामिनि जय! जय ॥ जगजननी जय जय..॥ तू ही सत-चित-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा । सत्य सनातन सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा ॥ जगजननी जय जय..॥ आदि अनादि अनामय, अविचल अविनाशी । अमल … Read more

श्री परशुराम आरती (Shri Parshuram Aarti

श्री परशुराम आरती (Shri Parshuram Aarti

श्री परशुराम आरती (Shri Parshuram Aarti   ॐ जय परशुधारी, स्वामी जय परशुधारी । सुर नर मुनिजन सेवत, श्रीपति अवतारी ॥ ॐ जय परशुधारी..॥ जमदग्नी सुत नर-सिंह, मां रेणुका जाया । मार्तण्ड भृगु वंशज, त्रिभुवन यश छाया ॥ ॐ जय परशुधारी..॥ कांधे सूत्र जनेऊ, गल रुद्राक्ष माला । चरण खड़ाऊँ शोभे, तिलक त्रिपुण्ड भाला ॥ … Read more

श्री सीता आरती (Sita Mata Aarti

श्री सीता आरती (Sita Mata Aarti

श्री सीता आरती (Sita Mata Aarti   आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी, नित्य सत्य साकेत विहारिणी, परम दयामयी दिनोधारिणी, सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ सती श्रोमणि पति हित कारिणी, पति … Read more