इंदिरा एकादशी व्रत कथा (Indira Ekadashi Vrat Katha

इंदिरा एकादशी व्रत कथा (Indira Ekadashi Vrat Katha

इंदिरा एकादशी व्रत कथा (Indira Ekadashi Vrat Katha   इंदिरा एकादशी का महत्त्व: धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवान! मैंने भाद्रपद शुक्ल एकादशी अर्थात पार्श्व एकादशी का सविस्तार वर्णन सुना। अब आप कृपा करके मुझे आश्विन/क्वार माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी के विषय में भी बतलाइये। इस एकादशी का क्या नाम है तथा इसके व्रत का क्या … Read more

जितिया व्रत कथा (Jitiya Vrat Katha

जितिया व्रत कथा (Jitiya Vrat Katha

जितिया व्रत कथा (Jitiya Vrat Katha   पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार एक गरुड़ और एक मादा लोमड़ी नर्मदा नदी के पास एक जंगल में रहते थे। दोनों ने कुछ महिलाओं को पूजा करते और उपवास करते देखा और खुद भी इसे देखने की कामना की। उनके उपवास के दौरान, लोमड़ी भूख के कारण … Read more

अनंत चतुर्दशी की पौराणिक कथा (Anant Chaturdashi Pauranik Katha

अनंत चतुर्दशी की पौराणिक कथा (Anant Chaturdashi Pauranik Katha

अनंत चतुर्दशी की पौराणिक कथा (Anant Chaturdashi Pauranik Katha   एक बार महाराज युधिष्ठिर ने राजसूय यज्ञ किया। उस समय यज्ञ मंडप का निर्माण सुंदर तो था ही, अद्भुत भी था वह यज्ञ मंडप इतना मनोरम था कि जल व थल की भिन्नता प्रतीत ही नहीं होती थी। जल में स्थल तथा स्थल में जल … Read more

त्रिस्पृशा एकादशी महायोग कथा (Trisparsha Ekadashi Mahayog Katha

त्रिस्पृशा एकादशी महायोग कथा (Trisparsha Ekadashi Mahayog Katha

त्रिस्पृशा एकादशी महायोग कथा (Trisparsha Ekadashi Mahayog Katha   पद्म पुराण के अनुसार देवर्षि नारदजी ने भगवान शिवजी से पूछा: सर्वेश्वर! आप त्रिस्पृशा नामक व्रत का वर्णन कीजिये, जिसे सुनकर लोग कर्मबंधन से मुक्त हो जाते हैं। महादेवजी बोले: विद्वान्! देवाधिदेव भगवान ने मोक्षप्राप्ति के लिए इस व्रत की सृष्टि की है, इसीलिए इसे वैष्णवी … Read more

श्री पूर्णत्रयेसा मंदिर पौराणिक कथा (Sree Poornathrayeesa Mandir Pauranik Katha

श्री पूर्णत्रयेसा मंदिर पौराणिक कथा (Sree Poornathrayeesa Mandir Pauranik Katha

श्री पूर्णत्रयेसा मंदिर पौराणिक कथा (Sree Poornathrayeesa Mandir Pauranik Katha   एक बार की बात है, द्वापर युग में, एक ब्राह्मण की पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया। दुर्भाग्य से, जन्म लेने और जमीन को छूने के तुरंत बाद, बच्चे की तुरंत मृत्यु हो गई। ब्राह्मण पिता मृत बच्चे को लेकर सीधे द्वारका के … Read more

एकलव्य द्वार द्रोणाचार्य को गुरुदक्षिणा में अंगुठा देने की पौराणिक कथा (Eklavya Dwara Dronacharya Ko Gurudakshina Me Angutha Dene Ki Katha

एकलव्य द्वार द्रोणाचार्य को गुरुदक्षिणा में अंगुठा देने की पौराणिक कथा (Eklavya Dwara Dronacharya Ko Gurudakshina Me Angutha Dene Ki Katha

एकलव्य द्वार द्रोणाचार्य को गुरुदक्षिणा में अंगुठा देने की पौराणिक कथा (Eklavya Dwara Dronacharya Ko Gurudakshina Me Angutha Dene Ki Katha   माना जाता है कि निषादराज हिरण्यधनु के पुत्र एकलव्य धनुर्विद्या सीखने के लिए संसार के श्रेष्ठ धनुर्धर गुरू द्रोणाचार्य के पास गये परन्तु गुरू द्रोणाचार्य ने एकलव्य को निषाद पुत्र जानकर धनुर्विद्या सीखाने … Read more

प्रेरक कथा: श्री कृष्ण मोर से, तेरा पंख सदैव मेरे शीश पर होगा! (Prerak Katha Shri Krishn Mor Se Tera Aankh Sadaiv Mere Shish

प्रेरक कथा: श्री कृष्ण मोर से, तेरा पंख सदैव मेरे शीश पर होगा! (Prerak Katha Shri Krishn Mor Se Tera Aankh Sadaiv Mere Shish

प्रेरक कथा: श्री कृष्ण मोर से, तेरा पंख सदैव मेरे शीश पर होगा! (Prerak Katha Shri Krishn Mor Se Tera Aankh Sadaiv Mere Shish   श्री कृष्ण के लीला काल का समय था, गोकुल में एक मोर रहता था, वह मोर बहुत चतुर था और श्री कृष्ण का भक्त था, वह श्री कृष्ण की कृपा … Read more

हरतालिका तीज व्रत कथा (Hartalika Teej Vrat Katha

हरतालिका तीज व्रत कथा (Hartalika Teej Vrat Katha

हरतालिका तीज व्रत कथा (Hartalika Teej Vrat Katha   एक कथा के अनुसार माँ पार्वती ने अपने पूर्व जन्म में भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए हिमालय पर गंगा के तट पर अपनी बाल्यावस्था में अधोमुखी होकर घोर तप किया। इस दौरान उन्होंने अन्न का सेवन नहीं किया। काफी समय सूखे … Read more

ऋषि पंचमी व्रत कथा (Rishi Panchami Vrat Katha

ऋषि पंचमी व्रत कथा (Rishi Panchami Vrat Katha

ऋषि पंचमी व्रत कथा (Rishi Panchami Vrat Katha   विदर्भ देश में उत्तंक नामक एक सदाचारी ब्राह्मण देव रहते थे। उनकी पत्नी बड़ी पतिव्रता थी, जिसका नाम सुशीला था। उन ब्राह्मण के एक पुत्र तथा एक पुत्री दो संतान थी। विवाह योग्य होने पर उन्होने समान कुलशील वर के साथ कन्या का विवाह कर दिया। … Read more

हाथी का शीश ही क्यों श्रीगणेश के लगा? (Hathi Ka Sheesh Hi Kiyon Shri Ganesh Ke Laga?

हाथी का शीश ही क्यों श्रीगणेश के लगा? (Hathi Ka Sheesh Hi Kiyon Shri Ganesh Ke Laga?

हाथी का शीश ही क्यों श्रीगणेश के लगा? (Hathi Ka Sheesh Hi Kiyon Shri Ganesh Ke Laga?   गज और असुर के संयोग से एक असुर जन्मा था, गजासुर। उसका मुख गज जैसा होने के कारण उसे गजासुर कहा जाने लगा। गजासुर शिवजी का बड़ा भक्त था और शिवजी के बिना अपनी कल्पना ही नहीं … Read more