पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 12 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 12

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 12 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 12

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 12 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 12   नारदजी बोले, ‘जब भगवान् शंकर चले गये तब हे प्रभो! उस बाला ने शोककर क्या किया! सो मुझ विनीत को धर्मसिद्धि के लिए कहिये। श्रीनारायण बोले, ‘इसी प्रकार राजा युधिष्ठिर ने भगवान् कृष्ण से पूछा था सो भगवान् ने राजा के प्रति … Read more

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 3 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 3

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 3 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 3

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 3 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 3 सत्यभामा ने कहा: हे प्रभो! आप तो सभी काल में व्यापक हैं और सभी काल आपके आगे एक समान हैं फिर यह कार्तिक मास ही सभी मासों में श्रेष्ठ क्यों है? आप सब तिथियों में एकादशी और सभी मासों में कार्तिक मास को ही अपना … Read more

करवा चौथ व्रत कथा: द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई कथा! (Karwa Chauth Vrat Katha

करवा चौथ व्रत कथा: द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई कथा! (Karwa Chauth Vrat Katha

करवा चौथ व्रत कथा: द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई कथा! (Karwa Chauth Vrat Katha   द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई शिव-पार्वती कथा: एक बार अर्जुन नीलगिरि पर तपस्या करने गए। द्रौपदी ने सोचा कि यहाँ हर समय अनेक प्रकार की विघ्न-बाधाएं आती रहती हैं। उनके शमन के लिए अर्जुन तो यहाँ हैं नहीं, … Read more

करवा चौथ व्रत कथा: पतिव्रता करवा धोबिन की कथा! (Karwa Chauth Vrat Katha 3

करवा चौथ व्रत कथा: पतिव्रता करवा धोबिन की कथा! (Karwa Chauth Vrat Katha 3

करवा चौथ व्रत कथा: पतिव्रता करवा धोबिन की कथा! (Karwa Chauth Vrat Katha 3   पतिव्रता करवा धोबिन की कथा: पुराणों के अनुसार करवा नाम की एक पतिव्रता धोबिन अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित गांव में रहती थी। उसका पति बूढ़ा और निर्बल था। एक दिन जब वह नदी के किनारे … Read more

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 4 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 4

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 4 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 4

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 4 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 4   नारदजी ने कहा: ऎसा कहकर भगवान विष्णु मछली का रूप धारण कर के आकाश से जल में गिरे। उस समय विन्ध्याचल पर्वत पर तप कर रहे महर्षि कश्यप अपनी अंजलि में जल लेकर खड़े थे। भगवान उनकी अंजलि में जा गिरे। महर्षि … Read more

करवा चौथ व्रत कथा: साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी (Karwa Chauth Vrat Katha

करवा चौथ व्रत कथा: साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी (Karwa Chauth Vrat Katha

करवा चौथ व्रत कथा: साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी (Karwa Chauth Vrat Katha   साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी | करवा चौथ की पौराणिक व्रत कथा श्री गणेशाय नमः ! एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि … Read more

भैया दूज पौराणिक कथा (Bhaiya Dooj Pauranik Katha

भैया दूज पौराणिक कथा (Bhaiya Dooj Pauranik Katha

भैया दूज पौराणिक कथा (Bhaiya Dooj Pauranik Katha   भैया दूज पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें रोली एवं अक्षत से अपने भाई का तिलक कर उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीष देती हैं। भैया दूज की पौराणिक कथा इस प्रकार से है… भैया दूज … Read more

भैया दूज लोक कथा (Bhaiya Dooj Lauk Katha)

भैया दूज लोक कथा (Bhaiya Dooj Lauk Katha)

भैया दूज लोक कथा (Bhaiya Dooj Lauk Katha) एक बुढ़िया माई थीं, उसके सात बेटे और एक बेटी थी। बेटी कि शादी हो चुकी थी। जब भी उसके बेटे कि शादी होती, फेरों के समय एक नाग आता और उसके बेटे को डस लेता था। बेटे कि वही म्रत्यु हो जाती और बहू विधवा, इस … Read more

चित्रगुप्त की कथा – यम द्वितीया (Chitragupt Ji Ki Katha – Yam Dwitiya

चित्रगुप्त की कथा – यम द्वितीया (Chitragupt Ji Ki Katha – Yam Dwitiya

चित्रगुप्त की कथा – यम द्वितीया (Chitragupt Ji Ki Katha – Yam Dwitiya   यम द्वितिया, कार्तिक द्वितीया अथवा भैया दूज पर श्री चित्रगुप्त जी की पढ़ी जाने वाली पौराणिक कथा, पूजन एवं विधि.. मंत्री श्री धर्मराजस्य चित्रगुप्त: शुभंकर: । पायान्मां सर्वपापेभ्य: शरणागत वत्सल: ॥ एक बार युधिष्ठिरजी भीष्मजी से बोले: हे पितामह! आपकी कृपा … Read more

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 17 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 17

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 17 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 17

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 17 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 17   भक्ति से भरे भाव हे हरि मेरे मन उपजाओ । सत्रहवां अध्याय कार्तिक, कृपा दृष्टि कर जाओ ॥ उस समय शिवजी के गण प्रबल थे और उन्होंने जलन्धर के शुम्भ-निशुम्भ और महासुर कालनेमि आदि को पराजित कर दिया। यह देख कर सागर … Read more