सन्तोषी माता आरती (Santoshi Mata Aarti

सन्तोषी माता आरती (Santoshi Mata Aarti

सन्तोषी माता आरती (Santoshi Mata Aarti   जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता । अपने सेवक जन की, सुख सम्पति दाता ॥ जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता ॥ सुन्दर चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो । हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार लीन्हो ॥ जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता ॥ गेरू लाल … Read more

आरती: श्री बाल कृष्ण जी (Aarti: Shri Bal Krishna Ki Keejen

आरती: श्री बाल कृष्ण जी (Aarti: Shri Bal Krishna Ki Keejen

आरती: श्री बाल कृष्ण जी (Aarti: Shri Bal Krishna Ki Keejen श्री कृष्ण जन्माष्टमी का आरती  आरती बाल कृष्ण की कीजै, अपना जन्म सफल कर लीजै ॥ श्री यशोदा का परम दुलारा, बाबा के अँखियन का तारा । गोपियन के प्राणन से प्यारा, इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥ ॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥ बलदाऊ … Read more

आरती कुंजबिहारी की (Aarti Kunj Bihari Ki

आरती कुंजबिहारी की (Aarti Kunj Bihari Ki

आरती कुंजबिहारी की (Aarti Kunj Bihari Ki   आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला । गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली । लतन … Read more

श्री सिद्धिविनायक आरती: जय देव जय देव (Shri Siddhivinayak Aarti: Jai Dev Jai Dev

श्री सिद्धिविनायक आरती: जय देव जय देव (Shri Siddhivinayak Aarti: Jai Dev Jai Dev

श्री सिद्धिविनायक आरती: जय देव जय देव (Shri Siddhivinayak Aarti: Jai Dev Jai Dev   सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची । नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची । सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची । कंठी झलके माल मुकताफळांची । जय देव जय देव.. जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति । दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति जय … Read more

श्री गणेश आरती (Shri Ganesh Aarti

श्री गणेश आरती (Shri Ganesh Aarti

श्री गणेश आरती (Shri Ganesh Aarti जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा … Read more

लक्ष्मीजी आरती (Laxmi Mata Aarti

लक्ष्मीजी आरती (Laxmi Mata Aarti

लक्ष्मीजी आरती (Laxmi Mata Aarti  शुक्रवार, गुरुवार, वैभव लक्ष्मी व्रत तथा दीपावली में लक्ष्मी पूजन के दिन    महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि । हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥ उमा, रमा, … Read more

श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti

श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti

श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, श्री हनुमान जन्मोत्सव और अखंड रामायण के पाठ में किया जाने वाली वंदना।   ॥दोहा॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं । नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥ कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं । … Read more

श्री बृहस्पति देव की आरती (Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti

श्री बृहस्पति देव की आरती (Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti

श्री बृहस्पति देव की आरती (Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti गुरुवार के व्रत में बृहस्पति देव की आरती करने का विधान माना जाता है  जय वृहस्पति देवा, ऊँ जय वृहस्पति देवा । छिन छिन भोग लगा‌ऊँ, कदली फल मेवा ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा, जय वृहस्पति देवा ॥ तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी । … Read more

देवी राधिका आरती (Devi Radhika Aarti

देवी राधिका आरती (Devi Radhika Aarti

देवी राधिका आरती (Devi Radhika Aarti   आरति श्रीवृषभानुलली की।सत-चित-आनन्द कन्द-कली की॥ भयभन्जिनि भव-सागर-तारिणि,पाप-ताप-कलि-कल्मष-हारिणि, दिव्यधाम गोलोक-विहारिणि,जनपालिनि जगजननि भली की॥ आरति श्रीवृषभानुलली की। सत-चित-आनन्द कन्द-कली की॥ अखिल विश्व-आनन्द-विधायिनि,मंगलमयी सुमंगलदायिनि, नन्दनन्दन-पदप्रेम प्रदायिनि,अमिय-राग-रस रंग-रली की॥ आरति श्रीवृषभानुलली की। सत-चित-आनन्द कन्द-कली की॥ नित्यानन्दमयी आह्लादिनि,आनन्दघन-आनन्द-प्रसाधिनि, रसमयि, रसमय-मन-उन्मादिनि,सरस कमलिनी कृष्ण-अली की॥ आरति श्रीवृषभानुलली की। सत-चित-आनन्द कन्द-कली की॥ नित्य निकुन्जेश्वरि राजेश्वरि,परम प्रेमरूपा … Read more