शीतला माता की आरती (Sheetla Mata Ki Aarti

शीतला माता की आरती (Sheetla Mata Ki Aarti

शीतला माता की आरती (Sheetla Mata Ki Aarti   जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता । आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता ॥ ॐ जय शीतला माता..॥ रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भाता । ऋद्धि-सिद्धि चँवर ढुलावें, जगमग छवि छाता ॥ ॐ जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता । विष्णु सेवत ठाढ़े, … Read more

शिव आरती – ॐ जय गंगाधर (Shiv Aarti – Om Jai Gangadhar

शिव आरती – ॐ जय गंगाधर (Shiv Aarti – Om Jai Gangadhar

शिव आरती – ॐ जय गंगाधर (Shiv Aarti – Om Jai Gangadhar   ॐ जय गंगाधर जय हर, जय गिरिजाधीशा । त्वं मां पालय नित्यं, कृपया जगदीशा ॥ ॐ हर हर हर महादेव ॥ कैलासे गिरिशिखरे, कल्पद्रुमविपिने । गुंजति मधुकरपुंजे, कुंजवने गहने ॥ ॐ हर हर हर महादेव ॥ कोकिलकूजित खेलत, हंसावन ललिता । रचयति … Read more

हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर (Har Mahadev Aarti: Satya Sanatan Sundar

हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर (Har Mahadev Aarti: Satya Sanatan Sundar

हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर (Har Mahadev Aarti: Satya Sanatan Sundar   सत्य, सनातन, सुंदर, शिव! सबके स्वामी । अविकारी, अविनाशी, अज, अंतर्यामी ॥ ॐ हर हर हर महादेव..॥ आदि अनंत, अनामय, अकल, कलाधारी । अमल, अरूप, अगोचर, अविचल अघहारी ॥ ॐ हर हर हर महादेव..॥ ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर, तुम त्रिमूर्तिधारी । कर्ता, भर्ता, … Read more

हवन-यज्ञ प्रार्थना: पूजनीय प्रभो हमारे (Hawan Prarthana: Pujniya Prabhu Hamare

हवन-यज्ञ प्रार्थना: पूजनीय प्रभो हमारे (Hawan Prarthana: Pujniya Prabhu Hamare

हवन-यज्ञ प्रार्थना: पूजनीय प्रभो हमारे (Hawan Prarthana: Pujniya Prabhu Hamare   पूजनीय प्रभो हमारे, भाव उज्जवल कीजिये । छोड़ देवें छल कपट को, मानसिक बल दीजिये ॥ १॥ वेद की बोलें ऋचाएं, सत्य को धारण करें । हर्ष में हो मग्न सारे, शोक-सागर से तरें ॥ २॥ अश्व्मेधादिक रचायें, यज्ञ पर-उपकार को । धर्मं- मर्यादा चलाकर, … Read more

नर्मदा आरती (Narmada Aarti

नर्मदा आरती (Narmada Aarti

नर्मदा आरती (Narmada Aarti   ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी । ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा शिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥ ॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ देवी नारद सारद तुम वरदायक, अभिनव पदण्डी । सुर नर मुनि जन सेवत, सुर नर मुनि… शारद पदवाचन्ती । ॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ देवी धूमक वाहन राजत, वीणा … Read more

माँ सरस्वती वंदना – या कुन्देन्दुतुषारहारधवला (Maa Saraswati Vandana

माँ सरस्वती वंदना – या कुन्देन्दुतुषारहारधवला (Maa Saraswati Vandana

माँ सरस्वती वंदना – या कुन्देन्दुतुषारहारधवला (Maa Saraswati Vandana   या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना । या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता, सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥१॥ शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं, वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌ । हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌, वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌ ॥२॥ हिन्दी भावार्थ: जो विद्या … Read more

माँ सरस्वती जी – आरती (Maa Saraswati Ji)

माँ सरस्वती जी – आरती (Maa Saraswati Ji)

माँ सरस्वती जी – आरती (Maa Saraswati Ji)   जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता । सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥ जय जय सरस्वती माता…॥ चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी । सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥ जय जय सरस्वती माता…॥ बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला । शीश मुकुट मणि सोहे, … Read more

श्री चित्रगुप्त जी की आरती – श्री विरंचि कुलभूषण (Shri Chitragupt Aarti – Shri Viranchi Kulbhusan

श्री चित्रगुप्त जी की आरती – श्री विरंचि कुलभूषण (Shri Chitragupt Aarti – Shri Viranchi Kulbhusan

श्री चित्रगुप्त जी की आरती – श्री विरंचि कुलभूषण (Shri Chitragupt Aarti – Shri Viranchi Kulbhusan   श्री विरंचि कुलभूषण, यमपुर के धामी । पुण्य पाप के लेखक, चित्रगुप्त स्वामी ॥ सीस मुकुट, कानों में कुण्डल, अति सोहे । श्यामवर्ण शशि सा मुख, सबके मन मोहे ॥ भाल तिलक से भूषित, लोचन सुविशाला । शंख … Read more

श्री चित्रगुप्त स्तुति (Shri Chitragupt Stuti

श्री चित्रगुप्त स्तुति (Shri Chitragupt Stuti

श्री चित्रगुप्त स्तुति (Shri Chitragupt Stuti   जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम् । जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय देव देव दयानिधे, जय दीनबन्धु कृपानिधे । कर्मेश जय धर्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय चित्र अवतारी प्रभो, जय लेखनीधारी विभो । जय श्यामतम, चित्रेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ पुर्वज व भगवत अंश … Read more

गौमता आरती (Shri Gaumata Aarti

गौमता आरती (Shri Gaumata Aarti

गौमता आरती (Shri Gaumata Aarti   श्री गौमता जी की आरती आरती श्री गैय्या मैंय्या की, आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनि, अविचल अमल मुक्तिपददायिनि । सुर मानव सौभाग्य विधायिनि, प्यारी पूज्य नंद छैय्या की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की, आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ अख़िल विश्‍व प्रतिपालिनी माता, मधुर … Read more