श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा (Shri Jhulelal Om Jai Doolah Deva

श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा (Shri Jhulelal Om Jai Doolah Deva

श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा (Shri Jhulelal Om Jai Doolah Deva  भगवान झूलेलाल, लाल साई, उदेरो लाल, वरुण देव, दूलह लाल, दरिया लाल , जिंदा पीर  ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ तुहिंजे दर दे केई, सजण अचनि सवाली । दान वठन … Read more

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani | स्तुति श्री हिंगलाज माता और श्री विंध्येश्वरी माता की आरती    सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल । ले तेरी भेंट चढ़ायो माँ ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ … Read more

श्रीदेवीजी की आरती – जगजननी जय! जय (Shri Deviji Ki Aarti – Jaijanani Jai Jai

श्रीदेवीजी की आरती – जगजननी जय! जय (Shri Deviji Ki Aarti – Jaijanani Jai Jai

श्रीदेवीजी की आरती – जगजननी जय! जय (Shri Deviji Ki Aarti – Jaijanani Jai Jai   जगजननी जय! जय!! माँ! जगजननी जय! जय!! भयहारिणि, भवतारिणि, माँ भवभामिनि जय! जय ॥ जगजननी जय जय..॥ तू ही सत-चित-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा । सत्य सनातन सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा ॥ जगजननी जय जय..॥ आदि अनादि अनामय, अविचल अविनाशी । अमल … Read more

श्री परशुराम आरती (Shri Parshuram Aarti

श्री परशुराम आरती (Shri Parshuram Aarti

श्री परशुराम आरती (Shri Parshuram Aarti   ॐ जय परशुधारी, स्वामी जय परशुधारी । सुर नर मुनिजन सेवत, श्रीपति अवतारी ॥ ॐ जय परशुधारी..॥ जमदग्नी सुत नर-सिंह, मां रेणुका जाया । मार्तण्ड भृगु वंशज, त्रिभुवन यश छाया ॥ ॐ जय परशुधारी..॥ कांधे सूत्र जनेऊ, गल रुद्राक्ष माला । चरण खड़ाऊँ शोभे, तिलक त्रिपुण्ड भाला ॥ … Read more

श्री सीता आरती (Sita Mata Aarti

श्री सीता आरती (Sita Mata Aarti

श्री सीता आरती (Sita Mata Aarti   आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी, नित्य सत्य साकेत विहारिणी, परम दयामयी दिनोधारिणी, सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ सती श्रोमणि पति हित कारिणी, पति … Read more

बगलामुखी माता आरती (Bagalamukhi Mata Aart

बगलामुखी माता आरती (Bagalamukhi Mata Aart

बगलामुखी माता आरती (Bagalamukhi Mata Aart     श्री बगलामुखी माता जी की आरती जय जय श्री बगलामुखी माता, आरति करहुँ तुम्हारी । पीत वसन तन पर तव सोहै, कुण्डल की छबि न्यारी ॥ कर-कमलों में मुद्गर धारै, अस्तुति करहिं सकल नर-नारी ॥ जय जय श्री बगलामुखी माता.. चम्पक माल गले लहरावे, सुर नर मुनि … Read more

नृसिंह भगवान आरती (Narasimha Bhagwan Aarti

नृसिंह भगवान आरती (Narasimha Bhagwan Aarti

नृसिंह भगवान आरती (Narasimha Bhagwan Aarti   ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे । स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे, स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे, जनका ताप हरे ॥ ॐ जय नरसिंह हरे ॥ तुम हो दिन दयाला, भक्तन हितकारी, प्रभु भक्तन हितकारी । अद्भुत रूप बनाकर, अद्भुत रूप बनाकर, प्रकटे भय हारी ॥ ॐ जय … Read more

नृसिंह आरती ISKCON (Narasimha Aarti ISKCON

नृसिंह आरती ISKCON (Narasimha Aarti ISKCON

नृसिंह आरती ISKCON (Narasimha Aarti ISKCON   नमस्ते नरसिंहाय प्रह्लादाह्लाद-दायिने हिरण्यकशिपोर्वक्षः- शिला-टङ्क-नखालये इतो नृसिंहः परतो नृसिंहो यतो यतो यामि ततो नृसिंहः बहिर्नृसिंहो हृदये नृसिंहो नृसिंहमादिं शरणं प्रपद्ये तव करकमलवरे नखमद्भुत-शृङ्गं दलितहिरण्यकशिपुतनुभृङ्गम् केशव धृतनरहरिरूप जय जगदीश हरे । * नृसिंह आरती की अंतिम तीन पंक्तियाँ श्री दशावतार स्तोत्र से उद्धृत की गईं हैं।

भगवान नटवर आरती (Bhagwan Natwar Aarti

भगवान नटवर आरती (Bhagwan Natwar Aarti

भगवान नटवर आरती (Bhagwan Natwar Aarti   ॥ भगवान नटवर आरती ॥ नन्द-सुवन जसुमतिके लाला,गोधन गोपी प्रिय गोपाला। देवप्रिय असुरनके काला,मोहन विश्वविमोहन वर की॥ आरती कीजै श्रीनटवर जी की। गोवर्धन-धर बन्शीधर की॥ जय वसुदेव-देवकी-नन्दन,कालयवन-कन्सादि-निकन्दन। जगदाधार अजय जगवन्दन,नित्य नवीन परम सुन्दर की॥ आरती कीजै श्रीनटवर जी की। गोवर्धन-धर बन्शीधर की॥ अकल कलाधर सकल विश्वधर,विश्वम्भर कामद करुणाकर। … Read more

हनुमान आरती (Hanuman Aarti

हनुमान आरती (Hanuman Aarti

हनुमान आरती (Hanuman Aarti   ॥ श्री हनुमंत स्तुति ॥ मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥ वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥ ॥ आरती ॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥ जाके बल से गिरवर काँपे । रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई … Read more