लच्छो की बहादुरी – हंसराज रहबर (लोक कथा)

लच्छो की बहादुरी – हंसराज रहबर (लोक कथा)

लच्छो की बहादुरी – हंसराज रहबर (लोक कथा) किसी गाँव में एक लड़की रहती थी, जिसका नाम था लच्छो। एक दिन वह अपनी सखियों के साथ कुएं पर पानी भरने गई। वहाँ सब लड़कियां अपने सगाई-व्याह की बातें कर रही थीं। एक सहेली जिसका नाम बन्तो था, बोली-‘‘मेरे पिता ने मेरे ब्याह के लिए कीमती … Read more

गडोलना – हंसराज रहबर (कहानी)

गडोलना – हंसराज रहबर  (कहानी)

गडोलना – हंसराज रहबर (कहानी) गडोलना चौखट के करीब खूंटी पर लटक रहा था और विजय इधर-उधर दौड़ता फिरता था । उसकी दृष्टि गडोलने पर जा पड़ी और वह उसे उतारने के लिए जिद करने लगा । एक महीने पहले जब उसने गडोलना छोड़ कर बिना किसी सहारे के अपने आप आगे डग भरा था, … Read more

सुनहरा अखरोट -हंसराज रहबर (परी कथा)

सुनहरा अखरोट -हंसराज रहबर (परी कथा)

सुनहरा अखरोट -हंसराज रहबर (परी कथा) बहुत दिनों की बात है। किसी गाँव में एक लोहार और उसकी पत्नी रहते थे। उन्हें धन-दौलत किसी चीज की कमी नहीं थी। दुख सिर्फ यह था कि इनके कोई सन्तान नहीं थी। एक रात लोहार की पत्नी ने सपना देखा। उसे एक घने जंगल में एक पेड़ दिखाई … Read more