टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार -4

टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार -4

टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार -4 35. नरक-स्थली बड़े ही दुर्गम और बीहड़ रास्‍ते से एक गाड़ी चली आ रही है। उसके पीछे-पीछे टॉम और कई गुलाम बड़ी कठिनाई से मार्ग पार कर रहे हैं। गाड़ी के अंदर हजरत लेग्री साहब बैठे हुए हैं। पीछे की ओर माल-असबाब … Read more

टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार -3

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टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार -3   25. पुष्पी की कुम्हालाहट दिनों के बाद महीने और महीनों के बाद वर्ष, देखते-देखते सेंटक्‍लेयर के यहाँ टॉम के दो वर्ष यों ही बीत गए। टॉम ने अपने घर जो पत्र भेजा था, कुछ ही दिनों बाद उसके उत्तर में मास्‍टर … Read more

टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार -2 

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टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार -2 16. टॉम का नया मालिक यहाँ से टॉम के जीवन के इतिहास के साथ और भी कई व्‍यक्तियों का संबंध आरंभ होता है। अत: उन लोगों का कुछ परिचय देना आवश्‍यक है। अगस्टिन सेंटक्‍लेयर के पिता लुसियाना के एक रईस और जमींदार … Read more

टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार

टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार

टॉम काका की कुटिया-उपन्यास- हैरियट बीचर स्टो अनुवाद – हनुमान प्रसाद पोद्दार   1. गुलामों की दुर्दशा माघ का महीना है। दिन ढल चुका है। केंटाकी प्रदेश के किसी नगर के एक मकान में भोजन के उपरांत दो भलेमानस पास-पास बैठे हुए किसी वाद-विवाद में लीन हो रहे थे। कहने को दोनों ही भलेमानस कहे … Read more