हवा बंद क्यूँ है?- हसन मंज़र (कहानी)

हवा बंद क्यूँ है?-  हसन मंज़र (कहानी)

हवा बंद क्यूँ है?- हसन मंज़र (कहानी) पहली बार जब पहरे वाला सिपाही सलाख़ों के बाहर से गुज़रा तो अहमद को वो ख़याल आया। दूसरी दफ़ा वो उसे आवाज़ देने को हुआ और होंट खोल कर रह गया। उसके बाद सिपाही ने मुतवातिर कई फेरे किए, लेकिन अहमद किसी फ़ैसले पर न पहुंच सका। बिलआख़िर … Read more

सवाब का रिश्ता – हसन मंज़र (कहानी)

सवाब का रिश्ता –  हसन मंज़र  (कहानी)

सवाब का रिश्ता – हसन मंज़र (कहानी) “कभी-कभी मैं सोचती हूँ अजीब नाम है तुम्हारा।” लड़की ने कहा। “वह कैसे?” “तलत तो लड़कियों का नाम होता है!” दोनों हँस पड़े। फिर अचानक संजीदा होते हुए नौजवान ने कहा, “और तुम्हारा कौन-सा लड़कियों जैसा है?” लड़की ने भी एकदम संजीदा होते हुए कहा, “वह कैसे?” “वह … Read more