रक्त, रेत और हरियाली -कहानी- हिमांशु जोशी
रक्त, रेत और हरियाली -कहानी- हिमांशु जोशी आँधियारा सीलन भरा छोटा कमरा। कच्ची मिट्टी की जगह उखड़ी हुई फर्श। उसी से पुती मटियाली दीवारें, जिन पर गांधी और नेताजी के चित्रों के अवशेष लटक रहे थे। छत धुएँ से एकदम स्याह काली। एक छोटा सा दीवार पर खिड़कीनुमा छेद, जिस पर टँगे पुराने तिरंगे … Read more