कथा: हनुमान गाथा (Katha Hanuman Gatha)

कथा: हनुमान गाथा (Katha Hanuman Gatha)

कथा: हनुमान गाथा (Katha Hanuman Gatha)   हम आज पवनसुत हनुमान की कथा सुनाते हैं, पावन कथा सुनाते हैं । वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं, हम कथा सुनाते हैं । जो रोम-रोम में सिया राम की छवि बासाते हैं, पावन कथा सुनाते हैं । वीरों के वीर उस महावीर की गाथा … Read more

वट सावित्री व्रत कथा (Vat Savitri Vrat Katha

वट सावित्री व्रत कथा (Vat Savitri Vrat Katha

वट सावित्री व्रत कथा (Vat Savitri Vrat Katha   विवाहित महिलाओं के बीच अत्यधिक प्रचलित ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन आने वाले सावित्री व्रत की कथा निम्न प्रकार से है: भद्र देश के एक राजा थे, जिनका नाम अश्वपति था। भद्र देश के राजा अश्वपति के कोई संतान न थी। उन्होंने संतान की प्राप्ति के लिए मंत्रोच्चारण … Read more

रवि प्रदोष व्रत कथा (Ravi Pradosh Vrat Katha

रवि प्रदोष व्रत कथा (Ravi Pradosh Vrat Katha

रवि प्रदोष व्रत कथा (Ravi Pradosh Vrat Katha एक ग्राम में अति दीन ब्राह्मण निवास करता था। उसकी साध्वी स्त्री प्रदोष व्रत किया करती थी। उसे एक ही पुत्ररत्न था। एक समय की बात है, वह पुत्र गंगा स्नान करने के लिए गया। दुर्भाग्यवश मार्ग में चोरों ने उसे घेर लिया और वे कहने लगे … Read more

सोमवती अमावस्या व्रत कथा (Somvati Amavasya Vrat Katha

सोमवती अमावस्या व्रत कथा (Somvati Amavasya Vrat Katha

सोमवती अमावस्या व्रत कथा (Somvati Amavasya Vrat Katha   सोमवती अमावस्या व्रत कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण परिवार था, उस परिवार में पति-पत्नी एवं उसकी एक पुत्री भी थी। उनकी पुत्री समय के गुजरने के साथ-साथ धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस पुत्री में बढ़ती उम्र के साथ सभी स्त्रियोचित सगुणों का विकास हो रहा … Read more

गंगा दशहरा कथा (Ganga Dussehra Katha

गंगा दशहरा कथा (Ganga Dussehra Katha

गंगा दशहरा कथा (Ganga Dussehra Katha   भगवान् श्रीरामका जन्म अयोध्याके सूर्यवंशमें हुआ था। चक्रवर्ती महाराज सगर उनके पूर्वज थे। उनकी केशिनी और सुमति नामकी दो रानियाँ थीं। केशिनीके पुत्रका नाम असमञ्जस था और सुमतिके साठ हजार पुत्र थे। असमञ्जसके पुत्रका नाम अंशुमान् था। राजा सगरके असमञ्जससहित सभी पुत्र अत्यन्त उद्दण्ड और दुष्ट प्रकृतिके थे, परंतु पौत्र अंशुमान् धार्मिक और देव-गुरुपूजक था। पुत्रोंसे … Read more

शनि प्रदोष व्रत कथा (Shani Pradosh Vrat Katha

शनि प्रदोष व्रत कथा (Shani Pradosh Vrat Katha

शनि प्रदोष व्रत कथा (Shani Pradosh Vrat Katha   शनि प्रदोष व्रत कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक नगर सेठ थे। सेठजी के घर में हर प्रकार की सुख-सुविधाएं थीं लेकिन संतान नहीं होने के कारण सेठ और सेठानी हमेशा दुःखी रहते थे। काफी सोच-विचार करके सेठजी ने अपना काम नौकरों को सौंप दिया … Read more

ଓଡ଼ିଆରେ ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ କଥା (Savitri Vrat Katha in Odia

ଓଡ଼ିଆରେ ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ କଥା (Savitri Vrat Katha in Odia

ଓଡ଼ିଆରେ ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ କଥା (Savitri Vrat Katha in Odia   सावित्री व्रत ओडिशा का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, ओडिशा में विवाहित महिलाएँ दिन में व्रत रखती हैं और सावित्री और सत्यभान की कहानी सुनती हैं। जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिणी भारतीय राज्यों में विवाहित महिलाएं उत्तर भारतीयों की तुलना में 15 दिन बाद अर्थात ज्येष्ठ … Read more

श्री रुक्मणी मंदिर प्रादुर्भाव पौराणिक कथा (Rukmani Mandir Pauranik Katha

श्री रुक्मणी मंदिर प्रादुर्भाव पौराणिक कथा (Rukmani Mandir Pauranik Katha

श्री रुक्मणी मंदिर प्रादुर्भाव पौराणिक कथा (Rukmani Mandir Pauranik Katha   यदु वंशी श्रीकृष्ण दुर्वासा ऋषि को अपना कुलगुरु मानते थे। जब श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह हुआ तो वे अशीर्वाद प्राप्ति के लिए दुर्वासा ऋषि से मिलने के लिए उनके आश्रम पधारे, जो द्वारका से दूरी पर स्थित था। श्री कृष्ण ने ऋषि दुर्वासा … Read more

पाण्डव निर्जला एकादशी व्रत कथा (Nirjala Ekadashi Vrat Katha

पाण्डव निर्जला एकादशी व्रत कथा (Nirjala Ekadashi Vrat Katha

पाण्डव निर्जला एकादशी व्रत कथा (Nirjala Ekadashi Vrat Katha   निर्जला एकादशी का महत्त्व: एकादशी व्रत हिन्दुओ में सबसे अधिक प्रचलित व्रत माना जाता है। वर्ष में चौबीस एकादशियाँ आती हैं, किन्तु इन सब एकादशियों में ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी सबसे बढ़कर फल देने वाली समझी जाती है क्योंकि इस एक एकादशी का व्रत रखने से वर्ष भर … Read more

वैशाख संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Vaishakh Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha

वैशाख संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Vaishakh Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha

वैशाख संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Vaishakh Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha   एक बार पार्वती जी ने गणेशजी से पूछा कि वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की जो संकटा नामक चतुर्थी कही गई है, उस दिन कौन से गणेश का किस विधि से पूजन करना चाहिए एवं उस दिन भोजन में क्या ग्रहण करना … Read more