माँ तुलसी अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (Tulsi Ashtottara Shatnam Namavali

माँ तुलसी अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (Tulsi Ashtottara Shatnam Namavali

माँ तुलसी अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (Tulsi Ashtottara Shatnam Namavali   ॥ श्रीतुलसी अष्टोत्तरशतनामावली ॥ ॐ श्री तुलस्यै नमः । ॐ नन्दिन्यै नमः । ॐ देव्यै नमः । ॐ शिखिन्यै नमः । ॐ धारिण्यै नमः । ॐ धात्र्यै नमः । ॐ सावित्र्यै नमः । ॐ सत्यसन्धायै नमः । ॐ कालहारिण्यै नमः । ॐ गौर्यै नमः॥ १० ॥ ॐ … Read more

श्री तुलसी स्तुति (Shri Tulsi Stuti

श्री तुलसी स्तुति (Shri Tulsi Stuti

श्री तुलसी स्तुति (Shri Tulsi Stuti   तुलसि श्रीसखि शुभे पापहारिणि पुण्यदे । नमस्ते नारदनुते नारायणमनःप्रिये ॥ १॥ मनः प्रसादजननि सुखसौभाग्यदायिनि । आधिव्याधिहरे देवि तुलसि त्वां नमाम्यहम् ॥ २॥ यन्मूले सर्वतीर्थानि यन्मध्ये सर्वदेवताः । यदग्रे सर्व वेदाश्च तुलसि त्वां नमाम्यहम् ॥ ३॥ अमृतां सर्वकल्याणीं शोकसन्तापनाशिनीम् । आधिव्याधिहरीं नॄणां तुलसि त्वां नम्राम्यहम् ॥ ४॥ देवैस्त्चं निर्मिता … Read more

श्री हनुमत्ताण्डव स्तोत्रम् (Shri Hanumat Tandava Stotram

श्री हनुमत्ताण्डव स्तोत्रम् (Shri Hanumat Tandava Stotram

श्री हनुमत्ताण्डव स्तोत्रम् (Shri Hanumat Tandava Stotram   ॥ श्रीहनुमत्ताण्डवस्तोत्रम् ॥ ॥ ध्यान॥ वन्दे सिन्दूरवर्णाभं लोहिताम्बरभूषितम्। रक्ताङ्गरागशोभाढ्यं शोणापुच्छं कपीश्वरम्॥ ॥ स्तोत्र पाठ ॥ भजे समीरनन्दनं, सुभक्तचित्तरञ्जनं, दिनेशरूपभक्षकं, समस्तभक्तरक्षकम्। सुकण्ठकार्यसाधकं, विपक्षपक्षबाधकं, समुद्रपारगामिनं, नमामि सिद्धकामिनम्॥1॥ सुशङ्कितं सुकण्ठभुक्तवान् हि यो हितं वचस्त्वमाशु धैर्य्यमाश्रयात्र वो भयं कदापि न। इति प्लवङ्गनाथभाषितं निशम्य वान- राऽधिनाथ आप शं तदा, स रामदूत आश्रयः॥2॥ … Read more

श्रीरामप्रेमाष्टकम् (Shri Ramaprema Ashtakam

श्रीरामप्रेमाष्टकम् (Shri Ramaprema Ashtakam

श्रीरामप्रेमाष्टकम् (Shri Ramaprema Ashtakam   ॥ श्रीरामप्रेमाष्टकम् ॥ श्यामाम्बुदाभमरविन्दविशालनेत्रंबन्धूकपुष्पसदृशाधरपाणिपादम्। सीतासहायमुदितं धृतचापबाणंरामं नमामि शिरसा रमणीयवेषम् ॥1॥ पटुजलधरधीरध्वानमादाय चापंपवनदमनमेकं बाणमाकृष्य तूणात्। अभयवचनदायी सानुजः सर्वतो मेरणहतदनुजेन्द्रो रामचन्द्रः सहायः ॥2॥ दशरथकुलदीपोऽमेयबाहुप्रतापोदशवदनसकोपः क्षालिताशेषपापः। कृतसुररिपुतापो नन्दितानेकभूपोविगततिमिरपङ्को रामचन्द्रः सहायः ॥3॥ कुवलयदलनीलः कामितार्थप्रदो मेकृतमुनिजनरक्ष रक्षसामे कहन्ता। अपहृतदुरितोऽसौ नाममात्रेण पुंसामखिल-सुरनृपेन्द्रो रामचन्द्रः सहायः ॥4॥ असुरकुलकृशानुर्मानसाम्भोजभानुःसुरनरनिकराणामग्रणीर्मे रघूणाम्। अगणितगुणसीमा नीलमेघौघधामाशमदमितमुनीन्द्रो रामचन्द्रः सहायः ॥5॥ कुशिकतनययागं रक्षिता लक्ष्मणाढ्यःपवनशरनिकायक्षिप्तमारीचमायः। विदलितहरचापो … Read more

शंकराचार्य कृत शिवाष्टकम (Shankaracharya Krit Shivashtakam

शंकराचार्य कृत शिवाष्टकम (Shankaracharya Krit Shivashtakam

शंकराचार्य कृत शिवाष्टकम (Shankaracharya Krit Shivashtakam   प्रभुम् प्राणनाथम् विभुम् भगवान शिव का एक और प्रसिद्ध अष्टकम है। ॥ शिवाष्टकम् ॥ तस्मै नमः परमकारणकारणाय दीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय। नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणाय ब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय॥1॥ श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणाय शैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय। कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनाय लोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय॥2॥ पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषाय कृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय। भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकाय नीलाब्जकण्ठसदृशाय नमः शिवाय॥3॥ लम्बत्सपिङ्गलजटामुकुटोत्कटाय दंष्ट्राकरालविकटोत्कटभैरवाय। व्याघ्राजिनाम्बरधराय मनोहराय त्रैलोक्यनाथनमिताय नमः शिवाय॥4॥ दक्षप्रजापतिमहामखनाशनाय क्षिप्रं महात्रिपुरदानवघातनाय। ब्रह्मोर्जितोर्ध्वगकरोटिनिकृन्तनाय योगाय योगनमिताय नमः … Read more

शिव चन्द्रशेखर अष्टकम स्त्रोत्रं (Chandrasekhara Ashtakam Stotram

शिव चन्द्रशेखर अष्टकम स्त्रोत्रं (Chandrasekhara Ashtakam Stotram

शिव चन्द्रशेखर अष्टकम स्त्रोत्रं (Chandrasekhara Ashtakam Stotram   चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहि माम् । चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर रक्ष माम् ॥ रत्नसानुशरासनं रजताद्रिश‍ृङ्गनिकेतनं सिञ्जिनीकृतपन्नगेश्वर मच्युतानलसायकम् । क्षिप्रदग्धपुरत्रयं त्रिदिवालयैरभिवन्दितं चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥ १॥ पञ्चपादपपुष्पगन्धिपदाम्बुजद्वयशोभितं भाललोचनजातपावकदग्धमन्मथविग्रहम् । भस्मदिग्धकलेवरं भवनाशनं भवमव्ययं चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥ २॥ मत्तवारणमुख्यचर्मकृतोत्तरीयमनोहरं पङ्कजासनपद्मलोचनपूजिताङ्घ्रिसरोरुहम् । देवसिन्धुतरङ्गशीकर सिक्तशीतजटाधरं चन्द्रशेखरमाश्रये … Read more

श्री शिवाष्टक – आदि अनादि अनंत अखण्ड (Shivashtak – Adi Anadi Anant Akhand

श्री शिवाष्टक – आदि अनादि अनंत अखण्ड (Shivashtak – Adi Anadi Anant Akhand

श्री शिवाष्टक – आदि अनादि अनंत अखण्ड (Shivashtak – Adi Anadi Anant Akhand   आदि अनादि अनंत अखंङ, अभेद अखेद सुबेद बतावैं । अलख अगोचर रुप महेस कौ, जोगि जती मुनि ध्यान न पावैं ॥ आगम निगम पुरान सबै, इतिहास सदा जिनके गुन गावैं । बङभागी नर नारि सोई, जो सांब सदासिव कौं नित ध्यावैं … Read more

शांति मंत्र (Shanti Mantra

शांति मंत्र (Shanti Mantra

शांति मंत्र (Shanti Mantra ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति:, पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति: । वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:, सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥ हिन्दी रूपांतरण शान्ति: कीजिये, प्रभु त्रिभुवन में, जल में, थल में और गगन में, अन्तरिक्ष में, अग्नि पवन में, औषधि, वनस्पति, वन, उपवन में, … Read more

शिव तांडव स्तोत्रम् – मंत्र (Shiv Tandav Stotram

शिव तांडव स्तोत्रम् – मंत्र (Shiv Tandav Stotram

शिव तांडव स्तोत्रम् – मंत्र (Shiv Tandav Stotram   सार्थशिवताण्डवस्तोत्रम् ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥ जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि । धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥ धराधरेन्द्रनंदिनीविलासबन्धुबन्धुर स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे । कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्दिगम्बरे(क्वचिच्चिदम्बरे) मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥ जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभा कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे । मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥ सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर … Read more

विद्यां ददाति विनयं (Vidya Dadati Vinayam

विद्यां ददाति विनयं (Vidya Dadati Vinayam

विद्यां ददाति विनयं (Vidya Dadati Vinayam   विद्यां ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम् । पात्रत्वात् धनमाप्नोति, धनात् धर्मं ततः सुखम् ॥ हिन्दी भावार्थ: विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता आती है, पात्रता से धन आता है, धन से धर्म होता है, और धर्म से सुख प्राप्त होता है।