श्री जगन्नाथ यात्रा के राशि मंत्र (Shri Jagannath Rashi Mantra

श्री जगन्नाथ यात्रा के राशि मंत्र (Shri Jagannath Rashi Mantra

श्री जगन्नाथ यात्रा के राशि मंत्र (Shri Jagannath Rashi Mantra   नीलांचल निवासाय नित्याय परमात्मने। बलभद्र सुभद्राभ्याम् जगन्नाथाय ते नमः॥ श्री जगन्नाथ के राशि अनुसार मंत्र मेष : ॐ पधाय श्रीजगन्नाथाय नम: वृषभ : ॐ शिखिने श्रीजगन्नाथाय नम: मिथुन : ॐ देवादिदेव श्रीजगन्नाथाय नम: कर्क : ॐ अनंताय श्रीजगन्नाथाय नम: सिंह : ॐ विश्वरूपेण श्रीजगन्नाथाय … Read more

श्री राम रक्षा स्तोत्रम् (Shri Ram Raksha Stotram

श्री राम रक्षा स्तोत्रम् (Shri Ram Raksha Stotram

श्री राम रक्षा स्तोत्रम् (Shri Ram Raksha Stotram   विनियोग: अस्य श्रीरामरक्षास्त्रोतमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः । श्री सीतारामचंद्रो देवता । अनुष्टुप छंदः। सीता शक्तिः । श्रीमान हनुमान कीलकम । श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्त्रोतजपे विनियोगः । अथ ध्यानम्‌: ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपदमासनस्थं, पीतं वासो वसानं नवकमल दल स्पर्धिनेत्रम् प्रसन्नम । वामांकारूढ़ सीता मुखकमलमिलल्लोचनम्नी, रदाभम् नानालंकारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डलम् रामचंद्रम ॥ राम … Read more

श्री जगन्नाथ अष्टकम (Shri Jagannath Ashtakam

श्री जगन्नाथ अष्टकम (Shri Jagannath Ashtakam

श्री जगन्नाथ अष्टकम (Shri Jagannath Ashtakam   कदाचित् कालिन्दी तट विपिन सङ्गीत तरलो मुदाभीरी नारी वदन कमला स्वाद मधुपः रमा शम्भु ब्रह्मामरपति गणेशार्चित पदो जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥१॥ भुजे सव्ये वेणुं शिरसि शिखिपिच्छं कटितटे दुकूलं नेत्रान्ते सहचर-कटाक्षं विदधते । सदा श्रीमद्‍-वृन्दावन-वसति-लीला-परिचयो जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे ॥२॥ महाम्भोधेस्तीरे कनक रुचिरे नील शिखरे … Read more

शिव मन्त्र (Shiv Mantra

शिव मन्त्र (Shiv Mantra

शिव मन्त्र (Shiv Mantra   1. शिव मूल मन्त्र ॐ नमः शिवाय॥ 2. महामृत्युञ्जय मन्त्र ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ 3. रुद्र गायत्री मन्त्र ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ 4. शिव गायत्री मन्त्र ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि तन्नः शिवः प्रचोदयात्॥ 5. मृत्युञ्जय महादेव मन्त्र ॐ मृत्युञ्जय महादेव … Read more

गुरु स्तुति – मंत्र (Guru Stuti

गुरु स्तुति – मंत्र (Guru Stuti

गुरु स्तुति – मंत्र (Guru Stuti अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् । तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥1 अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया । चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥2 गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुरेव परम्ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥3 स्थावरं जङ्गमं व्याप्तं यत्किञ्चित्सचराचरम् । तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥4 चिन्मयं व्यापियत्सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम् । … Read more

श्री गुरु अष्टकम (Shri Guru Ashtakam

श्री गुरु अष्टकम (Shri Guru Ashtakam

श्री गुरु अष्टकम (Shri Guru Ashtakam   शरीरं सुरुपं तथा वा कलत्रं यशश्चारू चित्रं धनं मेरुतुल्यम् । मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ 1 ॥ कलत्रं धनं पुत्रपौत्रादि सर्वं गृहं बान्धवाः सर्वमेतद्धि जातम् । मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ 2 ॥ षडंगादिवेदो मुखे … Read more

श्री दुर्गा मन्त्र (Shri Durga Mantra

श्री दुर्गा मन्त्र (Shri Durga Mantra

श्री दुर्गा मन्त्र (Shri Durga Mantra, देवी दुर्गा हिन्दु धर्म ,   1. दुर्गा बीज मन्त्र ॐ दुं दुर्गायै नमः। 2. दुर्गा नवार्ण मन्त्र ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। 3. दुर्गा गायत्री मन्त्र ॐ गिरिजायै च विद्महे शिवप्रियायै च धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥ 4. दुर्गा स्तुति मन्त्र ॐ सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि … Read more

रङ्गपुर विहार (Rangapura Vihara

रङ्गपुर विहार (Rangapura Vihara

रङ्गपुर विहार (Rangapura Vihara   पल्लवि: रङ्गपुर विहार जय कोदण्ड रामावतार रघुवीर श्री अनुपल्लवि: अङ्गज जनक देव बृन्दावन सारङ्गेन्द्र वरद रमान्तरङ्ग मध्यम कालम् श्यामळाङ्ग विहङ्ग तुरङ्ग सदयापाङ्ग सत्सङ्ग चरणम्: पङ्कजाप्तकुल जलनिधि सोम वर पङ्कज मुख पट्टाभिराम पदपङ्कज जितकाम रघुराम वामाङ्ग गत सीतावरवेष शेषाङ्ग शयन भक्त सन्तोष एणाङ्क रवि नयन मृदुतरभाष अकळङ्क दर्पण कपोल विशेष मुनि … Read more

श्री शङ्कराचार्य कृतं – अर्धनारीनटेश्वर स्तोत्र॥ (Ardhnarishwar Stotram

श्री शङ्कराचार्य कृतं – अर्धनारीनटेश्वर स्तोत्र॥ (Ardhnarishwar Stotram

श्री शङ्कराचार्य कृतं – अर्धनारीनटेश्वर स्तोत्र॥ (Ardhnarishwar Stotram   चाम्पेयगौरार्धशरीरकायै कर्पूरगौरार्धशरीरकाय । धम्मिल्लकायै च जटाधराय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ १ ॥ कस्तूरिकाकुंकुमचर्चितायै चितारजः पुंजविचर्चिताय । कृतस्मरायै विकृतस्मराय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ २ ॥ चलत्क्वणत्कंकणनूपुरायै पादाब्जराजत्फणीनूपुराय । हेमांगदायै भुजगांगदाय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ ३ ॥ विशालनीलोत्पललोचनायै विकासिपंकेरुहलोचनाय । समेक्षणायै विषमेक्षणाय … Read more

श्री जानकी स्रोत्र – जानकि त्वां नमस्यामि (Janaki Sotra – Janki Twam Namasyami

श्री जानकी स्रोत्र – जानकि त्वां नमस्यामि (Janaki Sotra – Janki Twam Namasyami

श्री जानकी स्रोत्र – जानकि त्वां नमस्यामि (Janaki Sotra – Janki Twam Namasyami   जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम् जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम् ॥१॥ दारिद्र्यरणसंहर्त्रीं भक्तानाभिष्टदायिनीम् । विदेहराजतनयां राघवानन्दकारिणीम् ॥२॥ भूमेर्दुहितरं विद्यां नमामि प्रकृतिं शिवाम् । पौलस्त्यैश्वर्यसंहत्रीं भक्ताभीष्टां सरस्वतीम् ॥३॥ पतिव्रताधुरीणां त्वां नमामि जनकात्मजाम् । अनुग्रहपरामृद्धिमनघां हरिवल्लभाम् ॥४॥ आत्मविद्यां त्रयीरूपामुमारूपां नमाम्यहम् । प्रसादाभिमुखीं लक्ष्मीं क्षीराब्धितनयां शुभाम् … Read more